
Lucknow, 6 अक्टूबर . Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में तकनीक, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती Governmentों पर प्रदेश की असीम संभावनाओं का उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ बनाए रखने की राजनीति हुई, जबकि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन Government ने Prime Minister Narendra Modi के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है.
Chief Minister योगी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज देश में करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है. जेवर में 3,706 करोड़ रुपए की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित हो रही है. प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं और 24 हजार से अधिक स्टार्टअप तथा आठ यूनिकॉर्न उत्तर प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है. वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की तस्वीर अलग थी. घोषणाएं होती थीं, लेकिन परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय परिवारवाद ही विकास का मॉडल बन गया था, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक बनाया गया और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के मॉडल के रूप में बढ़ावा मिला.
सीएम योगी ने आगे लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार होगा. उनकी Government ने इस प्राथमिकता को बदलते हुए परिवार के विकास के स्थान पर प्रदेश के विकास, माफिया के संरक्षण के स्थान पर निवेशक के संरक्षण और तुष्टीकरण के स्थान पर टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी है. इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी है और डेटा के बढ़ते उपयोग के साथ उत्तर प्रदेश अब डेटा सेंटर से आगे बढ़कर एआई सिटी की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक आधार तैयार कर रहा है. एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है.
Chief Minister ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, लेकिन आज वह तकनीक का निर्माता बन रहा है. ‘असेंबली से एआई तक’ की यह यात्रा केवल तकनीक की यात्रा नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है. उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में Tuesday को Lucknow में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की जाएगी.
इस अवसर पर एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी होगा. एचसीएल टेक का Lucknow में एक दशक पूरा होना प्रदेश के आईटी और तकनीकी क्षेत्र में निवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है. सीएम योगी ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ तकनीक, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार ही ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई उड़ान है.
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विकेटी/एसके
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