असम सरकार ने पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए गठित किया विशेषज्ञ पैनल

गुवाहाटी, 7 अक्टूबर . असम Government ने ‘स्टेट लेवल एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी’ और ‘स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमिटी’ का गठन किया है. इससे राज्य में पर्यावरण मंजूरी की जरूरत वाले प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन के लिए संस्थागत ढांचा मजबूत होगा.

इन दो वैधानिक निकायों का गठन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 6 अक्टूबर को जारी एक अधिसूचना के बाद किया गया है. दोनों निकायों का कार्यकाल केंद्र Government की अधिसूचना के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से चार साल का होगा. ‘स्टेट लेवल एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी’ और ‘स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमिटी’ की सिफारिशों के आधार पर पर्यावरण मंजूरी आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होगा.

यह अपनी शक्तियों का प्रयोग करेगा और संबंधित सरकारी अधिसूचना के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करेगा.

असम लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त पूर्व सचिव श्यामंत बेजबरुआ को ‘स्टेट लेवल एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. गुवाहाटी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सोसिंद्र कुमार बोरठाकुर सदस्य के रूप में कार्य करेंगे. असम Government के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे.

‘स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमिटी’ की अध्यक्षता जतिंद्र शर्मा, आईएफएस (सेवानिवृत्त) करेंगे, जो पूर्व मुख्य वन संरक्षक और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रहे हैं. इसके सदस्यों में असम विश्वविद्यालय, सिलचर के प्रोफेसर पार्थंकर चौधरी, कॉटन विश्वविद्यालय के डॉ. राहुल महंता, पर्यावरणविद् डॉ. अरूप बरपुजारी, आईआईटी गुवाहाटी के डॉ. अरूप कुमार शर्मा, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के डॉ. भागवत प्राण दुवारा और कॉटन विश्वविद्यालय के डॉ. नारायण शर्मा शामिल हैं. असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव ‘स्टेट लेवल एक्सपर्ट अप्रेजल कमिटी’ के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे.

विशेषज्ञ पैनल सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत पर काम करेगा. इसके अध्यक्ष व्यक्तिगत मामलों पर विचार करते समय आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे और यदि आम सहमति नहीं बन पाती है, तो बहुमत की राय मान्य होगी.

दोनों निकायों के कार्यालय गुवाहाटी के बामुनिमैदाम में असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थापित किए गए हैं. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों संस्थानों के लिए सचिवालय के रूप में कार्य करेगा और वित्तीय, लॉजिस्टिकल और जनशक्ति सहायता प्रदान करेगा.

राज्य Government उनके कामकाज के लिए आवश्यक आवास, परिवहन और अन्य सुविधाएं प्रदान करेगी. अध्यक्षों और सदस्यों के लिए पारिश्रमिक और भत्ते असम Government के मौजूदा नियमों द्वारा शासित होंगे.

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डीकेएम/पीएम