असम में पकड़ी गई बाघिन, पश्चिम बंगाल लाने के लिए 100 किलोमीटर का सफर तय किया

कोलकाता, 4 नवंबर . पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व की एक बाघिन की सकुशल वापसी कराई गई है. बाघिन 100 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करके असम पहुंच गई थी. दोनों राज्यों के वन अधिकारियों के संयुक्त अभियान के बाद Wednesday तड़के बाघिन वापस लाई गई.

बीटी1 नाम की इस बाघिन को Tuesday को असम के कोकराझार जिले में पकड़ा गया. Tuesday और Wednesday की दरमियानी रात उसे वापस बक्सा ले आया गया.

बाघिन की सुरक्षित वापसी होने पर उत्तरी पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में तैनात वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काफी राहत महसूस की और वे खुश हुए.

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज ओरांव ने इस सफल ऑपरेशन पर खुशी जताई और कहा कि बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है. हालांकि, उसे कुछ और दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा.

उन्होंने आगे बताया कि बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाड़े में छोड़े जाने के बाद, बाघिन पास के ही एक वाटरबॉडी की ओर चली गई. उसकी गतिविधियों को देखकर वन विभाग के कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों को तसल्ली हुई. उसे उसका पसंदीदा खाना भी दिया गया. उसने बार-बार फिर से पकड़े जाने से बचने की कोशिश की. हालांकि, आखिरकार उसे दोबारा पकड़ना मुमकिन हो ही गया.

बिहार से लाई गई इस बाघिन को 2 अक्टूबर को बक्सा टाइगर रिजर्व में जंगल में छोड़ा गया था. लेकिन, बाद में वह जंगलों के रास्ते 100 किलोमीटर से ज्यादा दूर निकल गई और असम में प्रवेश कर गई, जहां वह अंततः बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन के रायमोना नेशनल पार्क पहुंच गई.

23 अक्टूबर से बीटी1 जंगलों के रास्ते आगे बढ़ती रही और कोकराझार जिले में पहुंच गई. इससे जानवर और स्थानीय लोगों, दोनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी.

इस स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल और असम के वन अधिकारियों ने मिलकर एक ऑपरेशन चलाया, ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके, उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और लोगों के साथ किसी भी तरह के टकराव को रोका जा सके.

दोनों राज्यों की टीमों ने मिलकर काम किया ताकि जानवर को सुरक्षित पकड़ा जा सके. इस ऑपरेशन के तहत Tuesday को उसे पकड़ लिया गया, जिससे उसके बक्सा वापस लौटने का रास्ता साफ हो गया.

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डीकेएम/एबीएम