
गुवाहाटी, 3 नवंबर . असम के कोकराझार जिला प्रशासन ने गेलागुरी गांव के पांच किलोमीटर के दायरे में पाबंदियां लागू कर दी हैं. यह कदम तब उठाया गया जब पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से भटककर एक रॉयल बंगाल बाघिन के इस इलाके में आने की खबर मिली.
अधिकारियों ने Tuesday को बताया कि जिला मजिस्ट्रेट पंकज चक्रवर्ती ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी कर पाबंदियां लगाई हैं.
यह कदम इंसानों और मवेशियों की जान को संभावित खतरे को देखते हुए और जानवर को पकड़ने के अभियान को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए उठाया गया है.
प्रशासन के अनुसार, यह बाघिन सबसे पहले 2 नवंबर को डोटमा राजस्व सर्कल के अंतर्गत आने वाले गेलागुरी गांव के पास, जंगल से सटे इलाकों में देखी गई थी.
काचुगांव वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) ने इस जानवर के वहां होने की जानकारी दी थी. प्रतिबंधित क्षेत्र में गेलागुरी, पूर्वी बोंगशिगांव, पश्चिमी डांगरखुटी, उत्तरी भालुकमारी, डांगरखुटी और घोरामारी गांव शामिल हैं.
आदेश के तहत, जानवर को देखने या उसका पीछा करने के लिए पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. इस तय इलाके के भीतर जंगल या वन क्षेत्रों में जाने के लिए संबंधित प्रभागीय वन अधिकारी से पहले अनुमति लेनी होगी.
प्रशासन ने प्रतिबंधित क्षेत्र में हथियार, पारंपरिक हथियारों जैसे दाओ और भाले, जाल, जहर और फंदे ले जाने पर भी रोक लगा दी है. ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे जानवर परेशान हो या उसे पकड़ने के अभियान में बाधा आए, जैसे पटाखे फोड़ना, ढोल बजाना, लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना, आग जलाना या बाघिन को खोजने के लिए फ्लैशलाइट का उपयोग करना, पूरी तरह प्रतिबंधित है.
निजी ड्रोन उड़ाने या जानवर को पकड़ने के अभियान की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा. आदेश में social media पर अफवाहें या बिना पुष्टि वाली जानकारी नहीं फैलाने की भी चेतावनी दी गई है. विशेष रूप से ऐसे दावों से बचने को कहा गया है, जिनमें बाघिन को ‘आदमखोर’ बताया जा रहा हो या यह कहा जा रहा हो कि उसे गोली मार दी गई है.
इस अभियान में शामिल वन विभाग के अधिकृत कर्मचारी, ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ और ‘नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी’ के वन्यजीव विशेषज्ञ, Police तथा अन्य सरकारी टीमों को इन पाबंदियों से छूट दी गई है.
इन नियमों का उल्लंघन करने पर ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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डीके/एबीएम
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