असम: अखिल गोगोई ने बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर आंदोलन की घोषणा की, प्रभावित परिवारों के लिए 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग

गुवाहाटी, 1 सितंबर . शिवसागर से विधायक और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने असम में बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर नए आंदोलन का ऐलान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनकी हालिया बैठक में राज्य की मौजूदा आपदा राहत व्यवस्था में बदलाव को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला.

अखिल गोगोई ने बताया कि उन्होंने Monday को Chief Minister से मुलाकात कर असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राहत नियमावली में संशोधन की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा था. उनका कहना है कि वर्तमान मुआवजा व्यवस्था बाढ़ प्रभावित परिवारों के वास्तविक नुकसान की भरपाई नहीं करती.

गोगोई ने कहा, ”मुख्य मुद्दे पर कोई समाधान नहीं निकला, इसलिए हमने फिर से बाढ़ केंद्रित आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है.”

उन्होंने घोषणा की कि 6 सितंबर को नाजिरा में एक जनसभा आयोजित की जाएगी. इसके बाद 7 से 16 सितंबर तक राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसके दौरान रायजोर दल के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेंगे और प्रभावित लोगों से बातचीत करेंगे.

रायजोर दल प्रमुख ने कहा कि इसके बाद गुवाहाटी में एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी. साथ ही 16 सितंबर को Chief Minister कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया जाएगा.

इस आंदोलन की मुख्य मांग बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की है. अखिल गोगोई ने मौजूदा राहत प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौत की स्थिति में 3 लाख रुपए का मुआवजा निर्धारित है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों, क्षतिग्रस्त घरों, कृषि भूमि, तालाबों और घरेलू सामान के लिए दी जाने वाली सहायता बेहद कम है.

उन्होंने दावा किया कि कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान के नुकसान पर केवल 2,500 रुपए तथा बर्तनों के नुकसान पर भी इतनी ही सहायता दी जाती है. गोगोई ने कहा कि पक्के मकानों, खेती की जमीन और तालाबों को हुए नुकसान के मुकाबले वर्तमान मुआवजा बहुत कम है.

अखिल गोगोई ने बाढ़ से प्रभावित कारोबारों और वाहनों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि शिवसागर सहित कई क्षेत्रों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने बीमा रहित व्यवसायों और क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए बेहतर मुआवजे की मांग की.

उन्होंने राज्य Government पर बाढ़ को ‘भीषण आपदा’ या ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा करने से केंद्र से अधिक सहायता प्राप्त की जा सकती थी.

गोगोई ने कांग्रेस और उसके नेताओं, विशेष रूप से सांसद गौरव गोगोई, पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पर्याप्त राहत कार्य नहीं किए गए.

शिवसागर विधायक ने कहा कि वह अपने विधायक निधि से 1.5 करोड़ रुपए उपयोग करने की अनुमति मांगेंगे, ताकि अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित लोगों को 25,000 रुपए प्रति व्यक्ति की सहायता दी जा सके.

Political मोर्चे पर उन्होंने Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा और सांसद गौरव गोगोई दोनों को शिवसागर से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी. उन्होंने कहा कि वह इसके लिए अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा देने को भी तैयार हैं.

गोगोई ने यह भी दावा किया कि रायजोर दल 2031 के विधानसभा चुनाव तक असम की प्रमुख विपक्षी ताकत बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी नगांव Lok Sabha उपचुनाव नहीं लड़ेगी.

एएमटी/डीकेपी