अवैध कोयला खनन मामले में ईडी का एक्शन, 136.44 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क

New Delhi, 16 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीज क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 136.44 करोड़ रुपए की ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ को अस्थायी रूप से कुर्क किया है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है.

ईडी के अनुसार, यह मामला ईसीएल के लीज क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़ा है. जांच एजेंसी का आरोप है कि इन गतिविधियों को अनूप माझी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले एक संगठित सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया जा रहा था.

जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट अवैध रूप से निकाले गए कोयले की चोरी और बिक्री में शामिल था. आरोप है कि स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मदद से इस कोयले को पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों को नकद में बेचा जाता था. अवैध कमाई को वैध दिखाने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया.

ईडी के मुताबिक, इन कंपनियों का वास्तविक नियंत्रण अनूप माझी के पास था, जबकि इन्हें उसके रिश्तेदारों, कर्मचारियों और करीबी सहयोगी गुरुपदा माझी के नाम पर संचालित किया जा रहा था. अवैध कोयला कारोबार से प्राप्त नकदी को इन कंपनियों के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया गया, ताकि धन के वास्तविक स्रोत और लाभार्थियों की पहचान छिपाई जा सके.

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अपराध से अर्जित धन का निवेश विभिन्न संपत्तियों और पर्यटन परियोजनाओं में किया गया. ताजा कुर्की आदेश के तहत पुरुलिया स्थित ‘गढ़ पंचकोट इको टूरिज्म’ और बांकुरा स्थित ‘बिहारीनाथ इको टूरिज्म’ नामक दो होटल-सह-रिसॉर्ट, कोलकाता की दो संपत्तियां, शेल कंपनियों के बैंक खातों में जमा राशि तथा माझी परिवार के सदस्यों के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश को शामिल किया गया है.

ईडी ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में 678.64 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी थीं. नई कार्रवाई के बाद मामले में कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य 815.08 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.

जांच एजेंसी का कहना है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतों को उजागर करने, अवैध कमाई के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने और अवैध कोयला खनन से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है.

ईडी ने कहा कि सार्वजनिक प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

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एएसएच/डीकेपी