
New Delhi, 7 नवंबर . India की पैरा एथलीटों में अवनि लेखरा का नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है. Sunday को 25 साल की हो रही अवनि ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निशानेबाजी में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है.
अवनि लेखरा का जन्म 8 नवंबर 2001 को jaipur (Rajasthan ) में हुआ था. जब वह 11 साल की थीं, तो एक दुर्घटना के चलते कमर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया. उन्हें स्पाइनल कॉर्ड इंजरी हो गई. इस हादसे के बाद अवनि का जीवन पूरी तरह बदल गया. उन्हें व्हीलचेयर के सहारे आगे का जीवन जीना था. जीवन को मुश्किल बनाने वाली इस परेशानी के बावजूद अवनि ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ बड़ा करने का सपना देखा.
अवनि के पिता का मानना था कि अगर उन्हें किसी खेल से जोड़ा जाए, तो उनकी मानसिक स्थिति थोड़ी ठीक रहेगी और उनका मन बहलेगा. इसी वजह से उन्होंने बेटी को शूटिंग शुरू करने के लिए कहा. हादसे के तीन साल बाद अवनि ने शूटिंग में अपना करियर बनाने का दृढ़ संकल्प ले लिया था. वह बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा से प्रेरित थीं.
2020 टोक्यो पैरालंपिक में अवनि ने गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 इवेंट के फाइनल में 249.6 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता. वह पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. इसी पैरालंपिक में उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच 1 में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया.
अवनि ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी गोल्ड मेडल जीता था. अवनि ने 2024 पैरालंपिक में 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 इवेंट के फाइनल में 249.7 अंक के साथ पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता. अवनि लेखरा पैरालंपिक गेम्स में 2 गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं. वह पैरालंपिक में तीन पदक जीतने वाली भी पहली भारतीय महिला हैं.
अवनि ने हाल ही में जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीता था. 25 साल की अवनि से भविष्य में भी देश को बड़े मंचों पर पदक की उम्मीद है.
शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अवनि लेखरा को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
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पीएके
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