
New Delhi, 25 अक्टूबर . Pakistan ने एक बार फिर भारतीय सेना को लेकर झूठी अफवाह फैलाने का कुप्रयास किया है. Pakistan social media हैंडल्स ने दावा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जवानों की तलाशी ली जा रही है. हालांकि यह दावा पूरी तरह से फर्जी पाया गया है. इसके लिए Pakistanी social media हैंडल्स ने किसी और स्थान के एक पुराने व भ्रामक वीडियो का सहारा लिया है.
सेना का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सेना के जवानों की तलाशी लेने और राज्य में आवाजाही के लिए चीनी सेना से अनुमति लेने का दावा गलत है. भारतीय सेना ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया है कि social media पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो अरुणाचल प्रदेश का नहीं, बल्कि कर्नाटक के Bengaluru में मई 2026 में हुए आतंकवाद विरोधी अभ्यास का है.
भारतीय सेना के अनुसार, Pakistan स्थित कुछ social media हैंडल इस वीडियो को गलत दावे के साथ प्रसारित कर रहे हैं. इनके जरिए ऐसा दिखाने की कोशिश की जा रही है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिक भारतीय जवानों की जांच कर रहे हैं और भारतीय सैनिकों को राज्य में आने-जाने के लिए चीनी सेना की अनुमति लेनी पड़ती है.
सेना ने इन दावों को गलत बताया है. भारतीय सेना की फैक्ट चेक टीम के मुताबिक, वीडियो की वास्तविक पृष्ठभूमि आतंकवाद विरोधी अभ्यास है. इसे चीनी सैनिकों की कार्रवाई बताकर प्रसारित करना गलत है. इस तरह वीडियो की पहचान, स्थान और संदर्भ बदलकर सीमा सुरक्षा से जुड़ी भ्रामक कहानी बनाई जा रही है. सेना ने इस मामले में गलत सूचना फैलाने के तरीके की ओर भी ध्यान दिलाया है. इसमें पुराने सैन्य अभ्यास के दृश्य को चीनी सैनिकों से जोड़ना और उसे अरुणाचल प्रदेश का बताना शामिल है. इस तरह वास्तविक सैन्य अभ्यास को सीमा पर टकराव की घटना के रूप में पेश किया जा रहा है.
भारतीय सेना ने लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ी संवेदनशील खबरों को साझा करने से पहले उनकी सत्यता जांचें. किसी वीडियो को सही मानने से पहले उसके मूल स्रोत, स्थान और वास्तविक संदर्भ की पुष्टि करना जरूरी है. सैन्य अभ्यास और वास्तविक सैन्य टकराव के बीच अंतर समझना चाहिए तथा अपुष्ट दावों को आगे प्रसारित करने से बचना चाहिए.
पिछले दिनों Pakistanी social media हैंडल्स ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को लेकर भ्रामक दावे किए थे. हालांकि वास्तविकता में यह तथ्य पूरी तरह गलत थे. सेना के अनुसार, कुछ Pakistan समर्थित social media अकाउंट्स सेना प्रमुख को लेकर झूठा दावा कर रहे थे. इन social media पोस्ट के जरिए यह अफवाह फैलाने की कोशिश की गई कि Prime Minister Narendra Modi मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बयान देने के कारण जनरल धीरज सेठ को पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि भारतीय सेना ने इसका खंडन करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया था.
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जीसीबी/
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