
डिब्रूगढ़, 10 सितंबर . भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने एक बार फिर मानवीय सेवा और त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की है. अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के शि-योमी जिले के मेचुका से दो गंभीर रूप से घायल मरीजों को आईएएफ ने एक इमरजेंसी एयर इवैक्यूएशन ऑपरेशन के जरिए सफलतापूर्वक डिब्रूगढ़ पहुंचाया.
यह ऑपरेशन मेचुका की सर्कल ऑफिसर रितु तावे के अनुरोध पर शुरू किया गया था. उन्होंने 40 वर्षीय याजाप पुजोर जिबंग और 45 वर्षीय चापी पुदुर की गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल मदद की अपील की थी. दोनों मरीजों की स्थिति नाजुक बनी हुई थी और उन्हें तुरंत उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता थी, जो मेचुका जैसे दुर्गम इलाके में उपलब्ध नहीं थी.
जानकारी मिलते ही भारतीय वायु सेना ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की. आईएएफ का एक हेलिकॉप्टर दोपहर लगभग 2:50 बजे मेचुका पहुंचा. वहां से दोनों मरीजों को लेकर हेलिकॉप्टर ने मोहनबाड़ी, डिब्रूगढ़ के लिए उड़ान भरी. खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, पायलटों ने कुशलता दिखाते हुए लगभग 4:20 बजे मोहनबाड़ी एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की. इसके बाद दोनों मरीजों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए डिब्रूगढ़ के एक अस्पताल में आगे के इलाज के लिए भेजा गया.
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे कई विभागों का संयुक्त समन्वय था. नागरिक उड्डयन विभाग, आईएएफ ईस्टर्न एयर कमांड शिलांग, एयर हेडक्वार्टर New Delhi, मेचुका और आलो के जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिलकर काम किया.
ऑपरेशन के दौरान आलो में एडीसी माबी ताइपोडिया जिनी, डीएमओ डॉ. लिन्या लोलेन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कारकेन रीना ने समय पर चिकित्सा सहायता और स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे मरीजों को बीच रास्ते में कोई परेशानी न हो.
गौरतलब है कि इस दौरान टाटो के ऊपर मौसम बेहद खराब था और दिन की रोशनी भी कम बची थी, जो हेलिकॉप्टर ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती थी. इसके बावजूद, अधिकारियों ने मरीजों को निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ऑपरेशन को सफल बनाया.
नागरिक उड्डयन विभाग ने इस त्वरित और जीवन रक्षक सहायता के लिए रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना का आभार व्यक्त किया है.
—
पीआईएम/पीएम
Skip to content