अयोध्या में मछली भोज का आयोजन कराकर सनातनियों का अपमान करने का काम किया : संत समाज

अयोध्या, 24 अगस्त . सावन के पवित्र महीने और एकादशी के दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के दौरान मछली भोज के आयोजन पर अयोध्या के संतों में नाराजगी है. संत समाज ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की.

हनुमान गढ़ी के पुजारी संत देवेशाचार्य जी महाराज ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने से कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने भगवान के दर्शन करने के बाद, श्रावण के पवित्र महीने में, एकादशी की पवित्र तिथि पर जिस तरह से मछली भोज का आयोजन किया है, उन्होंने सनातन का मजाक उड़ाने का काम किया है, सनातनियों का अपमान करने का काम किया है. यह बिल्कुल अक्षम्य है.”

उन्होंने कहा कि उन्हें दंड मिलना चाहिए. सभी सनातनियों को एकजुट होकर उन्हें दंडित करना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी गलती करने की हिम्मत न करे.

संत सीताराम दास ने भी इस पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऐसा घृणित काम करने वाले को निश्चित तौर पर दंड मिलेगा, उसे कोई माफ नहीं कर सकता. ये कभी सनातनी के हमदर्द नहीं हो सकते हैं. ये लोग टोपी पहनते हैं और टोपी पहनाने वालों को खुश करने का काम करते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग आपस में सनातनियों को तोड़ने की साजिश और षड्यंत्र करते हैं. ऐसे महापापियों को दंड देने की जरूरत है. समय आने पर इनको ऐसा दंड मिलेगा कि पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखेगा.

रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने कहा कि अयोध्या में जब कोई आम श्रद्धालु भी आता है, तो वह दो दिन पहले से ही अपने शरीर की शुद्धि करता है और शुद्ध सात्विक होकर रहता है. वहीं कांग्रेस संगठन के लोग यहां आकर पहले भगवान राम के दर्शन करते हैं और फिर मांसाहार का सेवन करते हैं. उन्हें जान लेना चाहिए कि उनका सत्यनाश निश्चित है.

इस मामले पर अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मुकदमे के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी लोगों को सलाह दी है. उन्होंने कहा कि सावन का महीना पूजा-पाठ का महीना है और इस महीने में लोगों को मांस-मछली और शराब से दूर रहना चाहिए. अयोध्या जैसे धार्मिक शहर में इस तरह के कार्यक्रम करना उचित नहीं है.

इकबाल अंसारी ने अपील करते हुए कहा, “सावन महीना पूजा पाठ का है, और इस महीने में लोगों को मांस मछली को वर्जित रखना चाहिए. लोगों को चाहिए कि इस पवित्र महीने में पूजा-पाठ पर ध्यान दें. सभी से अपील है कि सावन के महीने में मांस मछली का सेवन न करें, क्योंकि यह महीना हरियाली का महीना होता है, यह पवित्र महीना भक्ति का महीना होता है.”

एएस