
अयोध्या, 8 नवंबर . Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. बाबरी मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने उनके दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि अयोध्या सबकी है, यहां आकर भगवान राम का आशीर्वाद लेना सबका फर्ज है. वहीं, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य स्वामी कमल नयन दास ने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा कि वह दर्शन करने नहीं, बल्कि राजनीति करने आ रहे हैं और कारसेवक उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे.
इकबाल अंसारी ने कहा, “अयोध्या धर्म की नगरी है और भगवान राम और भगवान हनुमान का निवास स्थान है. सरयू नदी और इसकी सदियों पुरानी परंपराओं के साथ इस शहर का अपार धार्मिक महत्व है, जो देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. अखिलेश यादव भी अयोध्या आ रहे हैं, यह अच्छी बात है. सभी को इस शहर में आना चाहिए, भगवान राम का आशीर्वाद लेना चाहिए और पूजा-अर्चना करनी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है और यहां का महत्व और धार्मिक परंपराए हैं. मेले में बहुत से श्रद्धालु आते हैं. अच्छी बात है, अखिलेश यादव अयोध्या आएं, यहां भगवान और सरयू नदी है. दर्शन करना सबका फर्ज बनता है. सभी को आना चाहिए. ये भगवान राम की नगरी है. यहां सबको क्षमा मिलती है. मान्यता है कि लोगों की मुरादें पूरी होती है. यहां जो भी आएगा, वो भगवान राम की शरण में आएगा.
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार ने कहा कि यह मामला अब बहुत पुराना हो चुका है. Supreme Court ने अपना फैसला सुना दिया है और देशभर के मुसलमानों ने उसका सम्मान किया है. यह मामला अब किसी के लिए प्रासंगिक नहीं रह गया है.
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य स्वामी कमल नयन दास ने कहा कि कार सेवक अखिलेश को कभी माफी नहीं देंगे. जो अपने पिता के नहीं हुए, वो कार सेवक के क्या होंगे. मुलायम सिंह ने सपा को खड़ा किया, अखिलेश ने उनका बुढ़ापे में किस तरह से अपमान किया, वो कारसेवकों का क्या सम्मान करेंगे. वो दर्शन करने नहीं, राजनीति करने आ रहे हैं.
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद विध्वंस पर दिए बयान पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने कहा कि बाबरी मस्जिद के विध्वंस के लिए उनका अपना ही परिवार जिम्मेदार था. उनके पति राजीव गांधी, उनकी सास इंदिरा गांधी, कांग्रेस पार्टी और तत्कालीन Prime Minister पी.वी. नरसिम्हा राव की भी इसमें भूमिका थी. हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को हर तरह के प्रलोभन दिए गए. राम जन्मभूमि हिंदुओं की थी, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए उसे तोड़ दिया गया. अगर वह मस्जिद के गिराए जाने से इतनी दुखी हैं, तो उन्हें सल्फास खा लेना चाहिए, उन्हें जहर खा लेना चाहिए.
संतोष दुबे ने कहा कि आयोध्या, रामलला और हनुमानगढ़ी सबकी है. आना चाहिए, देरी कर दी उन्होंने आने में लेकिन ठीक है. देर आए दुरुस्त आए. राम के धाम में सबका स्वागत है.
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