
Lucknow, 2 नवंबर . पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह Monday को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे. इस दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी से बात करते हुए छात्र संसद, ग्रामीण इलाकों में नई शिक्षा नीति के प्रभाव, राम मंदिर आंदोलन के दौरान 2 नवंबर 1990 को हुई गोलीबारी, भाजपा राज्य कार्यकारिणी समिति में अपनी नई जिम्मेदारी और दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली पर बात की.
उन्होंने कहा, “बच्चे छात्र संसद पहले वाराणसी में करने जा रहे थे, लेकिन वहां जगह की समस्या हुई, तो वह हमसे मिलने आए. फिर हमने कहा कि अगर वाराणसी में नहीं हो पा रहा है, तो अयोध्या में कर लो. इससे हमारे क्षेत्र के भी बच्चे उससे शामिल होंगे. उनको भी कुछ सीखने का मौका मिलेगा.”
उन्होंने बताया कि छात्र संसद का टॉपिक नई शिक्षा नीति है. नई शिक्षा नीति के कारण शहरों में क्या स्थिति है, हम नहीं जानते, लेकिन ग्रामीण अंचल में शिक्षा पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है. स्कूल खुले हैं, टीचर हैं, लेकिन पढ़ने वाले सब गायब हैं.
राम मंदिर आंदोलन के दौरान 2 नवंबर 1990 को गोलीबारी हुई थी. इस पर उन्होंने कहा कि इसमें तो हम लोग भी पीड़ित हैं. इसको हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन अब राम मंदिर बन गया है. 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कैसा रंग दिखाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि 2027 का यूपी चुनाव बहुत अच्छा होगा.
New Delhi के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित गठबंधन की रैली को लेकर उन्होंने कहा, “रैलियां खत्म हो चुकी हैं.”
बता दें कि ‘इंडिया’ ब्लॉक के ‘चलो दिल्ली’ मार्च को लेकर उत्तर प्रदेश के उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा.
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों को जुटाने का अपना लक्ष्य हासिल करने में विफल रहा और रैली में बहुत कम लोग पहुंचे, हालांकि विपक्ष ने मौर्य पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपने करियर और पार्टी के भीतर अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.
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डीके/
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