अमेरिकी सरकार द्वारा पीईआरएम निलंबन से कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: इंफोसिस

New Delhi, 11 अक्टूबर . आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस ने कहा है कि अमेरिकी Government द्वारा परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (पीईआरएम) कार्यक्रम के तहत कुछ नई और लंबित आवेदन प्रक्रियाओं पर लगाए गए निलंबन का उसके कारोबार पर कोई महत्वपूर्ण असर पड़ने की उम्मीद नहीं है.

कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि वह अमेरिकी श्रम विभाग के फैसले से अवगत है और एजेंसियों के किसी भी प्रश्न का जवाब देने के लिए सहयोग करने को तैयार है.

इंफोसिस ने कहा, “हम नहीं मानते कि इस निलंबन का कंपनी के संचालन पर कोई भौतिक प्रभाव पड़ेगा. आवश्यकता होने पर हम नियामकीय मानकों के अनुरूप आगे भी जानकारी साझा करेंगे.”

कंपनी ने यह भी रेखांकित किया कि उसने अमेरिका में मजबूत स्थानीय कार्यबल, प्रौद्योगिकी केंद्रों और नवाचार हब के निर्माण में लगातार निवेश किया है. इसके चलते उसकी मानव संसाधन रणनीति किसी एक आव्रजन कार्यक्रम पर निर्भर नहीं है.

इंफोसिस ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और अमेरिकी समुदायों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करती रहेगी.

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रशासन ने कुछ प्रमुख वैश्विक आईटी और प्रौद्योगिकी कंपनियों के पीईआरएम आवेदन अस्थायी रूप से निलंबित किए हैं. यह कदम कथित वीजा धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों से जुड़े रोजगार संबंधी मुद्दों की जांच के संदर्भ में उठाया गया है.

पीईआरएम (परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम) अमेरिकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से कंपनियां कुशल विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने में सहायता करती हैं.

इस मुद्दे पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है. कंपनी ने कहा कि वह अमेरिकी Government की घोषणा से अवगत है और श्रम विभाग द्वारा जारी किसी भी निर्देश का पालन करेगी.

टीसीएस ने अपने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि उसकी अमेरिकी कार्यबल रणनीति मुख्य रूप से स्थानीय प्रतिभाओं की भर्ती पर आधारित है. कंपनी ने बताया कि उसके अमेरिका में 31 कार्यालय और डिलीवरी सेंटर हैं तथा वह अगले पांच वर्षों में 15,000 अतिरिक्त स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती का इरादा रखती है.

कंपनी ने कहा, “पिछले दो वर्षों में हमारे पीईआरएम आवेदनों की संख्या एकल अंकों में थी, इसलिए इस कार्यक्रम के निलंबन से हमारी कार्यबल रणनीति और ग्राहक सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है.”

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डीबीपी