अमेरिकी कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर : रिपोर्ट

New Delhi, 17 अक्टूबर . अमेरिका की मीडिया एनालिटिक्स कंपनी निल्सन India को अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर बना रही है. देश में कंपनी के 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जो उसके दुनियाभर के कुल कर्मचारियों का लगभग आधा हिस्सा हैं. Bengaluru कंपनी का सबसे बड़ा केंद्र है. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई.

मनीकंट्रोल का हवाला देते हुए डेली सन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निल्सन के ग्लोबल इनोवेशन का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा अब India से आता है. कंपनी ने यहां विज्ञापन संबंधी जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने की प्रक्रिया को स्वचालित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया है.

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी अनिल गोयल ने कहा कि एआई खेल आयोजनों में ब्रांड की दृश्यता पर नजर रखने और विभिन्न मीडिया माध्यमों में बंटे दर्शकों की संख्या का आकलन करने की प्रक्रिया को स्वचालित बनाने में मदद करता है.

उन्होंने कहा कि कंपनी ने India में अपने परिचालन को इस तरह विकसित किया है कि देश उसका ‘ग्लोबल इनोवेशन सेंटर’ बने, न कि केवल एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी).

गोयल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “पारंपरिक जीसीसी के विपरीत, जहां India स्थित टीमें विदेशों में मौजूद अपने समकक्षों के अधीन काम करती हैं, निल्सन की स्थानीय टीमें उत्पादों का नेतृत्व करती हैं, फैसले लेती हैं और वैश्विक ग्राहकों के साथ सीधे काम करती हैं.”

गोयल ने कहा कि राजस्व के मामले में दूसरे बाजार India से आगे हैं, लेकिन भारतीय बाजार की तेज विकास दर के कारण यह कंपनी के उन शीर्ष 10 बाजारों में शामिल है, जहां विकास की सबसे अधिक संभावनाएं हैं.

उन्होंने कहा कि विज्ञापन सत्यापन और ब्रांड सुरक्षा पर केंद्रित कंपनी डबलवेरिफाई को शामिल किए जाने के बाद निल्सन की India में मौजूदगी और बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने India में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों की बड़ी संख्या की भी सराहना की और कहा कि इससे यहां इनोवेशन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के अवसर बढ़ रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई का निल्सन के विज्ञापन विश्लेषण कारोबार पर बड़ा प्रभाव पड़ा है. कंपनी India और अमेरिका सहित 30-40 प्रमुख बाजारों में टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट, पत्रिकाओं और आउटडोर मीडिया पर होने वाले विज्ञापन खर्च का आकलन करती है.

रिपोर्ट के अनुसार, “पहले कंपनी सूचनाओं को संसाधित करने के लिए स्वचालन तकनीक और मैन्युअल काम के संयोजन पर निर्भर थी. उन कमियों को दूर करने के लिए 1,000 से अधिक कर्मचारी काम करते थे, जिन्हें तकनीक से हल नहीं किया जा सकता था.”

गोयल के अनुसार, एआई और बड़े भाषा मॉडल के इस्तेमाल से इन क्षेत्रों में मशीनों का योगदान पहले के 80-90 प्रतिशत से बढ़कर 97-98 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

रिपोर्टों में कहा गया है कि जैसे-जैसे अधिक उपभोक्ता फैसले लेने के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी और क्लॉड जैसे एआई टूल और एआई एजेंटों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसे-वैसे मीडिया खपत को मापने के पारंपरिक तरीकों के सामने नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं.

—

एबीएस