
New Delhi, 23 सितंबर . India और अमेरिकी सेना के युद्धाभ्यास में एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी शामिल हो गए हैं. आसमान में अपाचे हेलीकॉप्टर और जमीन पर भारतीय व अमेरिकी सैनिकों ने मिलकर युद्ध जैसी परिस्थितियों में संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास किया. यह मिशन Rajasthan की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पूरा किया जा रहा है.
सेना के मुताबिक, इस अभ्यास में सैनिकों ने पहले मिलकर मिशन की योजना बनाई. इसके बाद जमीन पर मौजूद सैनिकों और हवा में उड़ रहे अपाचे के बीच तालमेल का अभ्यास किया गया. इसका मकसद यह देखना है कि जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर और जमीनी सैनिक एक-दूसरे के साथ कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं. अपाचे की मौजूदगी ने युद्ध अभ्यास को एक नया आयाम दिया. सैनिकों ने हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई को साथ जोड़ने, आपसी संपर्क बनाए रखने और सही समय पर कार्रवाई करने का अभ्यास किया.
भारतीय और अमेरिकी सैनिकों के लिए यह अभ्यास एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का भी मौका है. दोनों सेनाएं एक जैसी प्रक्रियाओं, संचार और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं. युद्ध अभ्यास 2026 में अपाचे की भागीदारी यह दिखाती है कि यह अभ्यास सिर्फ जमीन पर सैनिकों की ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है. इसमें हवा और जमीन की ताकत को एक साथ इस्तेमाल कर संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास भी किया जा रहा है.
इससे पहले महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हॉवित्जर व धनुष से फायरिंग की गई. पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल हुआ. दोनों देशों के जवानों ने यहां संयुक्त फायरिंग अभ्यास किया. इस दौरान भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने अलग-अलग हथियार प्रणालियों के साथ प्रशिक्षण लिया. फायरिंग रेंज पर तोपों की गूंज के बीच दोनों सेनाओं ने एक-दूसरे की फायरिंग तकनीक और प्रक्रियाओं को करीब से समझा.
सेना के मुताबिक, अभ्यास में एम 777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, धनुष तोप और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से फायरिंग की गई. इसके साथ ही एल 70 एयर डिफेंस तोपों और एम-लिड्स प्रणालियों को भी अभ्यास के दौरान कार्रवाई में देखा गया. इस संयुक्त प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य फायरिंग की योजना बनाना, समन्वय और कार्रवाई में बेहतर तालमेल विकसित करना था.
इसके लिए दोनों सेनाओं की ऑब्जर्वेशन पोस्ट टुकड़ियों ने भी साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया. सैनिकों ने लक्ष्य की पहचान की. लक्ष्य की स्थिति बताने, उस पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने और फायर आदेश भेजने का अभ्यास किया गया. दोनों देशों के बीच युद्ध अभ्यास का 22वां संस्करण उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र औली से लेकर Rajasthan के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हो रहा है. अभ्यास में India और अमेरिका के कुल 1,200 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं. यहां सैनिक निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल भी किया.
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जीसीबी/एसके
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