अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, भारतीय दूतावास ने कहा- स्थिति पर करीबी नजर

न्यूयॉर्क, 15 अक्टूबर . अमेर‍िका में एक हिंदू मंदिर में फायर‍िंग की साज‍िश को अंजाम देने से पहले ही आरोपी को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया गया. अधिकारियों ने बताया क‍ि फायर‍िंग से ठीक पहले ही हमलावर की राइफल जाम हो गई. उसे बाद में ग‍िरफ्तार कर ल‍िया गया.

19 वर्षीय आरोपी ने खुद को ‘व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी’ बताया. उसे Wednesday को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं.

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने अपने सहकर्मी को बताया था कि वह Saturday को शिकागो से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर गया था और वहां गोलीबारी करने की कोशिश की थी. लेकिन ट्रिगर दबाने पर उसकी राइफल नहीं चली क्योंकि वह जाम हो गई.

ऑरोरा में तीन हिंदू मंदिर हैं. Police ने इलाके के मंदिरों को इस खतरे के बारे में जानकारी दे दी है. आरोपी एलेक्जेंड्रोस पैपोरेकिस को Sunday को शिकागो से करीब 60 किलोमीटर दूर पैलेटाइन स्थित उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया. Police को यह जानकारी उसके साथ फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक सहकर्मी से मिली थी.

उसे रोलिंग मीडोज की काउंटी अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे 30 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. उसी दिन उसकी अगली अदालत में पेशी होगी.

पैलेटाइन Police प्रमुख विलियम नॉर्ड ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी में एक राइफल, भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों कारतूस और बॉडी आर्मर बरामद किए गए. Police के अनुसार, बरामद बॉडी आर्मर पर श्वेत श्रेष्ठतावादी चरमपंथ से जुड़े चिन्ह और डिजाइन बने हुए थे.

नॉर्ड ने कहा, “इस कथित खतरे की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता.”

अभियोजकों के मुताबिक, Sunday को आरोपी ने अपने सहकर्मी को टेक्स्ट मैसेज भेजकर फोन करने को कहा था. फोन पर बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि उसने सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की थी, लेकिन राइफल नहीं चली. इसके बाद वह वहां से भाग गया.

सहकर्मी, जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, ने इसकी सूचना माउंट प्रॉस्पेक्ट Police को दी. बाद में यह जानकारी पैलेटाइन Police तक पहुंचाई गई. आरोपी ने अपने सहकर्मी को एक फोटो भी भेजी थी, जिसमें वह एक टैक्टिकल वेस्ट पहने नजर आ रहा था. साथ ही उसने आठ पन्नों का एक दस्तावेज भी भेजा.

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस तथाकथित ‘मेनिफेस्टो’ में भारतीय मूल के लोगों और हिंदू मंदिरों के खिलाफ नस्लभेदी और घृणास्पद टिप्पणियां भरी हुई थीं. अभियोजकों ने बताया कि उसने लिखित रूप से कहा था कि वह ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यकों की हत्या करने के बाद मरना चाहता है.

अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, पैपोरेकिस पिछले दो वर्षों से इस हमले की योजना बना रहा था.

न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास ने कहा क‍ि ऑरोरा में एक पूजा स्थल को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबरों की जानकारी है. हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से समय रहते की गई कार्रवाई की सराहना करते हैं. हम भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में हैं और स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं.

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एवाई/एबीएम