
वॉशिंगटन, 9 सितंबर . अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान की 27 एयरलाइंस को अपनी ‘स्पेशली डिजाइनेटेड नेशनल्स’ (एसडीएन) सूची में शामिल कर लिया है. इस कदम के साथ अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करते हुए उसकी बची हुई सभी एयरलाइंस को निशाने पर ले लिया है.
Tuesday (स्थानीय समय) को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि ‘ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस लंबे समय से ईरानी Government की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का समर्थन करती रही हैं.’ विभाग के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कथित तौर पर निजी एयरलाइंस का इस्तेमाल हथियारों की खरीद और ढुलाई तथा अपने कर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करता रहा है.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पहली बार अक्टूबर 2011 में ईरान की एयरलाइन ‘महान एयर’ पर प्रतिबंध लगाए थे. इसके बाद 30 जुलाई को उसने उन कई कंपनियों को भी निशाना बनाया जिन्हें ‘महान एयर’ के जनरल सेल्स एजेंट के रूप में देखा जाता है.
विज्ञप्ति के अनुसार, नए प्रतिबंध उन गुप्त फ्रंट कंपनियों, विदेशी बिचौलियों और भ्रामक ट्रांजिट मार्गों को भी निशाना बनाते हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने के लिए करता है.
खास तौर पर, वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की चार कंपनियों को प्रतिबंधित किया है. अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां ‘महान एयर’ को कार्गो सेवाएं और बिक्री से जुड़ी सहायता प्रदान कर रही थीं.
ओएफएसी ने उन अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है जिनके तहत विमान ईरान के ऊपर से उड़ान भर सकते थे और गैर-अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी मूल या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जा सकती थीं.
इसके अलावा, वित्त विभाग के तहत काम करने वाले फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क ने वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे ईरान के विमानन उद्योग को समर्थन देने वाले खरीद नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दें.
विज्ञप्ति के मुताबिक, माहान एयर को 2026 की गर्मियों में कम से कम तीन बी-777 विमान मिले थे, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान के रास्ते भेजा गया था.
इस बीच, ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने Tuesday को कहा कि उनका देश पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि ‘आक्रमण करने वालों’ को अपने कदमों पर पूरी तरह पछतावा न हो जाए.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है.
पेजेश्कियन ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है. हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का रास्ता युद्ध भड़काने से बचने में है.”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने किए पर पूरा पछतावा न हो जाए. ईरान अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा.”
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एवाई/एएस
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