अमेरिका के विजिटर वीजा के लिए भारतीयों को करना पड़ा 346 दिन का इंतजार, ऑडिट में खुलासा

वाशिंगटन, 29 सितंबर . अमेरिका का विजिटर वीजा लेने के लिए भारतीय आवेदकों को पिछले साल सबसे लंबा इंतजार करना पड़ा है. अमेरिका की एक सरकारी ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. रिपोर्ट Monday को अमेरिकी समय के अनुसार जारी की गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में India में अमेरिकी विजिटर वीजा के इंटरव्यू के लिए औसतन 346 दिन का इंतजार करना पड़ा. यह ऑडिट अमेरिकी संस्था गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस (जीओए) ने किया है.

गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि India में वीजा की मांग, दूतावास में मौजूद स्टाफ की संख्या से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. 346 दिन का यह आंकड़ा इंटरव्यू की तारीख मिलने का पिछला औसत है. इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरव्यू के बाद वीजा पर फैसला लेने में इतना समय लगता है, और न ही इसका मतलब यह है कि आज आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को इतना ही इंतजार करना पड़ेगा.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में India से करीब 14,55,255 लोगों ने नॉन-इमिग्रेंट वीजा के लिए आवेदन किया. इसके लिए पूरे देश में अमेरिकी विदेश विभाग के सिर्फ 68 कांसुलर अधिकारी काम कर रहे थे. यानी एक अधिकारी पर औसतन 21,401 आवेदन का बोझ था. ये आंकड़े कई तरह के अस्थायी वीजा के हैं, जबकि 346 दिन का इंतजार सिर्फ विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए है.

दूसरे बड़े देशों की तुलना में India की स्थिति काफी खराब है. चीन में विजिटर वीजा इंटरव्यू का औसत इंतजार 34 दिन और ब्राजील में 32 दिन था. मेक्सिको में प्रति अधिकारी आवेदनों की संख्या India के बराबर ही थी, वहां इंतजार 283 दिन रहा. सबसे ज्यादा इंतजार वाले 10 देशों की लिस्ट में India सातवें नंबर पर था.

ऑडिट टीम ने New Delhi के अलावा मेक्सिको सिटी, बीजिंग और साओ पाउलो का भी दौरा किया था. India और मेक्सिको में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि महामारी के बाद मांग बहुत बढ़ गई और अधिकारियों की संख्या कम होने से बैकलॉग खत्म नहीं हो पा रहा है. चारों देशों में अधिकारियों ने माना कि मांग के मुकाबले स्टाफ की कमी ही देरी की सबसे बड़ी वजह है.

जगह की कमी भी एक बड़ी समस्या है. ऑडिट में कहा गया कि New Delhi में ज़रूरत के हिसाब से इंटरव्यू विंडो बहुत कम थीं. ऑडिट करने वालों ने देखा कि सैकड़ों लोग यूएस एम्बेसी के बाहर और दूसरे वेटिंग एरिया में इंतजार कर रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, एम्बेसी परिसर में एक नई बिल्डिंग में जाने की योजना के बावजूद विंडो की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा.

कुछ आवेदनों की जांच में लगने वाला समय और पेड वीजा एजेंटों की भूमिका का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार कुछ एजेंट स्लॉट खाली होते ही बुक कर लेते हैं और फिर उन्हें ग्राहकों को बेच देते हैं. विदेश विभाग ने इस पर रोक के लिए अपना शेड्यूलिंग सिस्टम भी बदला है.

भीड़ कम करने के लिए विभाग ने दूसरे उपाय भी किए हैं. वित्त वर्ष 2024 में वाशिंगटन की एक यूनिट ने New Delhi के 80.6 प्रतिशत ऐसे विजिटर वीजा मामलों को दूर से ही निपटा दिया था, जिनमें इंटरव्यू की जरूरत नहीं थी. इसके अलावा New Delhi में मौजूद स्टाफ ने वीजा आवेदनों को जल्दी निपटाने के लिए अतिरिक्त Saturday को भी काम किया था.

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एएस