
अमृतसर, 3 सितंबर . अमृतसर कमिश्नरेट Police ने अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police ने आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध .30 बोर पिस्तौल और 103 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
Police कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ‘चीता’ और ‘गोरा’ के रूप में हुई है. दोनों से पूछताछ के आधार पर हथियार सप्लाई नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है.
Police कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों के Rajasthan और Haryana सहित अन्य राज्यों में हथियार सप्लाई करने की बात सामने आई है. Police अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्हें इन आरोपियों ने पहले हथियार उपलब्ध करवाए थे. इसके लिए Police की विभिन्न टीमें अलग-अलग स्थानों पर भेजी गई हैं और गुप्त रूप से जांच एवं ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि Police का मुख्य उद्देश्य केवल हथियार बरामद करना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है जो इन हथियारों को आगे अपराधियों तक पहुंचाता है. ऐसे हथियारों का इस्तेमाल टारगेट किलिंग, शूटआउट और अन्य आपराधिक वारदातों में किए जाने की आशंका है. Police कमिश्नर ने कहा कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है.
Police जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की खेप Pakistan से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुंचाई जाती थी. प्रारंभिक स्तर पर इस्लामाबाद क्षेत्र में हथियारों की बरामदगी के बाद पूछताछ को आगे बढ़ाया गया. Police अब यह पता लगाने में जुटी है कि Pakistan में बैठे तस्करों और India में सक्रिय नेटवर्क के बीच संपर्क किस तरह स्थापित हुआ.
Police के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों के विदेश में संपर्कों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि विदेशों में ट्रक चलाने के दौरान आरोपी कथित तौर पर ऐसे लोगों के संपर्क में आया, जिनके माध्यम से वह हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा.
Police कमिश्नर ने कहा कि इस पूरे मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक को खंगाला जा रहा है. Police यह पता लगाएगी कि बरामद हथियार कहां से आए, किन लोगों तक पहुंचाए गए और आगे इन्हें किन आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाना था.
उन्होंने कहा कि Police की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के साथ-साथ और हथियारों की बरामदगी भी हो सकती है.
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एएसएच/डीकेपी
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