अमित शाह-राजनाथ का जिक्र कर शकील अहमद खान ने परिवारवाद पर नितिन नवीन को घेरा, बोले-आप भी राजनीतिक परिवार से हैं

Patna, 7 नवंबर . पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने परिवारवाद के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर तीखा हमला बोला. Saturday को उन्होंने कहा कि भाजपा में ही 15-20 ऐसे मंत्री हैं, जो Political परिवारों से आते हैं और नितिन नवीन के पिता भी राजनीति में थे. शकील अहमद ने कहा कि सत्ता पक्ष बौखलाया हुआ है, इसलिए विपक्ष से सवाल कर रहा है, जबकि होना उल्टा चाहिए.

पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा, ” मैं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष महोदय से कहना चाहता हूं कि भाजपा में कम से कम 15-20 ऐसे लोग हैं जो मंत्री भी हैं और Political परिवारों से आते हैं. खुद नितिन नवीन के पिता भी राजनीति में थे. वे भी किसी Political परिवार से ही आते हैं. बेटे, भतीजे, पत्नी, पूरा परिवार राजनीति में है.”

उन्होंने कहा कि अगर आप परिवारवाद की बात करेंगे तो अमित शाह ने किस आधार पर बिना कभी क्रिकेट का बल्ला पकड़े हुए जय शाह को बीसीसीआई का अध्यक्ष बना दिया? किस तरह राजनाथ सिंह ने अपने बेटे को स्थापित कर दिया? Maharashtra के Chief Minister ऐसे परिवार से आते हैं, जिनके पिता भी राजनीति में थे, इसलिए यह कोई प्रश्न ही नहीं है.

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल यह है कि ये लोग परेशान हैं. राहुल गांधी ने कहा था कि हम इनको सोने नहीं देंगे. क्या इतिहास में कभी देखा है कि जिसकी Government हो, वही विपक्ष के खिलाफ मोर्चा निकाल रही हो, विपक्ष से सवाल कर रही हो? जबकि दुनिया में हमेशा यह होता है कि विपक्ष Government से सवाल करता है. संसद में सवाल करता है, बाहर सवाल करता है, जलसे करता है, जुलूस निकालता है और जनता के सवालों को प्रमुख मुद्दा बनाकर सामने रखता है लेकिन उसका जवाब इनके पास है नहीं. इसलिए राहुल गांधी ने यह बयान दिया था कि हमारे कार्यों से, विपक्ष के कार्यों से सत्ता पक्ष बौखलाया हुआ है, परेशान है, उसकी रातों की नींद हराम हो चुकी है. इन्होंने India को, जिसे हम मदरलैंड मानते हैं, फादरलैंड कहा था. Prime Minister ने इजरायल को फादरलैंड कहा था. जिसको फादरलैंड कहा गया, वही चुनाव हार गए.

उन्होंने कहा कि यह हार की तरफ बढ़ने वाली पार्टी है. अब यह लोगों की परेशानियों पर क्या बात करेगी? जब हम लोगों की समस्याओं को सामने रखते हैं तो उससे यह परेशान हो जाते हैं. सत्ता पक्ष के जितने वादे रहे, पिछले 12-13 वर्षों में लगभग सभी विफल हुए हैं और नितिन नवीन तो स्वयं अपनी सीट हार चुके हैं. आप समझ रहे हैं कि स्थिति क्या है.

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी की क्राइम और अपराध वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि ये किस तरह की भाषा बोलते हैं, इन्हें शब्दों का भी ज्ञान नहीं है, शब्दकोश का भी ज्ञान नहीं है. इस तरह से प्रदेश चलाया जा रहा है. इसलिए उनकी बातों का कोई आधार नहीं है. हम उनकी बातों को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेते भी नहीं हैं.

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