अमित पंघाल : बड़े भाई ने बॉक्सर बनाने के लिए किए त्याग, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए जीता मेडल

New Delhi, 15 अक्टूबर . अमित पंघाल की गिनती India के सबसे बेहतरीन मुक्केबाजों में की जाती है. अमित वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले बॉक्सर बने. इसके साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी ‘गोल्डन पंच’ लगाया.

अमित का जन्म 16 अक्टूबर 1995 को Haryana के रोहतक जिले के मायना गांव में हुआ. अमित को घर में ही शुरुआत से बॉक्सिंग का माहौल मिला. अमित के बड़े भाई अजय खुद बॉक्सर थे और वह निरंतर ट्रेनिंग किया करते थे.

अमित को बॉक्सिंग से परिचित और इस खेल में करियर बनाने के लिए मोटिवेट करने वाले भी उनके बड़े भाई ही थे. आर्थिक तंगी के चलते किसान पिता अमित या अजय में से किसी एक को ही बॉक्सिंग की ट्रेनिंग कराने में समर्थ थे. ऐसे में बड़े भाई ने अपने करियर का त्याग करते हुए अमित को ट्रेनिंग के लिए आगे भेजा.

अमित को आर्थिक तौर पर किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसलिए अजय ने भारतीय सेना जॉइन कर ली. अमित ने भी रिंग में जी-तोड़ मेहनत की और अपने भाई के भरोसे पर एकदम खरे उतरे. अमित अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई को ही देते हैं.

अमित पंघाल साल 2017 में सबसे पहले सुर्खियों में आए, जब उन्होंने नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने अपना जलवा बिखेरा और ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे. कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में अमित का प्रदर्शन दमदार रहा और वह सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे.

हालांकि, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2019 में आई. अमित वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी अमित का दबदबा देखने को मिला. वह इस बार अपने मेडल का रंग बदलने में सफल रहे और उन्होंने पुरुषों के 51 किलोग्राम फ्लाईवेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज कियारन मैकडोनाल्ड को 5-0 से हराया. अमित को साल 2022 में Government द्वारा ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.

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एसएम/एबीएम