अभिजीत दिपके ने फडणवीस सरकार को दी चुनौती, कहा- मुंबई आंदोलन से पहले करो गिरफ्तार

Mumbai , 1 अक्टूबर . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने Thursday को Maharashtra के Chief Minister और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जुबानी हमला किया. उन्होंने राज्य Government को रणनीतिक गलतियां न करने की चेतावनी दी और अधिकारियों को चुनौती दी कि वे Mumbai में 2 अक्टूबर से होने वाले सीजेपी के प्रदर्शनों से पहले उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं.

Mumbai में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हुई गलती को न दोहराएं. अगर आप हमें गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो अभी करें.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘देश का गद्दार’ बताते हुए, दिपके ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों को लेकर उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की.

उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर आरोप लगाया कि वह Government की मदद से लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर रहा है और India के चुनाव आयोग (ईसीआई) का इस्तेमाल Political हथियार के तौर पर कर रहा है.

दिपके ने इस बात पर जोर दिया कि जो भी मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठे, उसे पारदर्शी होना चाहिए. देश भर में जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे सड़कों पर उतरेंगे और जब वे ऐसा करेंगे, तो जनता ज्ञानेश कुमार के बॉस के इस्तीफे की मांग करेगी.

उन्होंने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग हाल की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) लिस्ट को रोक दे और आने वाले चुनाव सख्ती से 2005 की वोटर लिस्ट के आधार पर कराए.

प्रदर्शनों के लिए Police की मंजूरी से जुड़े सवालों पर दिपके ने आधिकारिक मंजूरी की जरूरत को खारिज कर दिया और देश की आजादी की लड़ाई का उदाहरण दिया.

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि हमारे किस विरोध प्रदर्शन को मंजूरी मिली है? हम सत्ताधारी Government के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, वे इसकी इजाजत क्यों देंगे? अगर महात्मा गांधी ने भी विरोध करने के लिए अंग्रेजों से इजाजत मांगी होती, तो वे उन्हें भी मना कर देते. इजाजत मिले या न मिले, हम मार्च करेंगे.

प्रदर्शनकारियों को जमानत मिलने से पहले तीन दिन जेल में रहना पड़ सकता है, Chief Minister फडणवीस के इस हालिया बयान पर तंज कसते हुए दिपके ने कहा कि मुझे तीन दिन के बजाय तीन महीने जेल में रख लो… मैं बार-बार सड़कों पर उतरूंगा.

उन्होंने वेन्यू की इजाजत देने में भेदभाव पर भी सवाल उठाए. दिपके ने कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में पॉलिटिकल रैली कर सकते हैं और वोट मांग सकते हैं, तो हमें उसी जगह पर प्रोटेस्ट करने से क्यों रोका जा रहा है?

दिपके ने घोषणा की कि सीजेपी 4 अक्टूबर को विपक्ष के संयुक्त आंदोलन को पूरा समर्थन देगा. जहां दिपके देशव्यापी दौरे पर रहेंगे, वहीं सीजेपी के कार्यकर्ता Mumbai में बड़ी संख्या में इकट्ठा होंगे और पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर ईसीआई के खिलाफ एक बड़े संयुक्त मोर्चे में शामिल होंगे.

भविष्य के चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए, दिपके ने युवा वोटरों की ताकत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों में ‘जेनजी’ सबसे बड़ा वोटर ग्रुप होगा. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें वैसा देश दें जिसकी वे कल्पना करते हैं और जिसके वे हकदार हैं.

बता दें कि विपक्षी पार्टियां 6 अक्टूबर को New Delhi में ईसीआई हेडक्वार्टर के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही हैं, वहीं 2 अक्टूबर को Mumbai में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से विपक्षी गुटों और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ने की शुरुआत हो गई है.

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