अब समय आ गया है सत्ताधारी भाजपा लोगों की बढ़ती नाराजगी पर ध्यान दे : शशि थरूर

New Delhi, 23 अक्टूबर . कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने Friday को कहा कि पिछले कुछ महीनों में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोगों, खासकर युवा मतदाताओं के बीच नया उत्साह जगाया है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सत्ताधारी भाजपा लोगों की बढ़ती नाराजगी पर ध्यान दे.

उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी ने इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है और यही वजह है कि वे उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

तिरुवनंतपुरम के सांसद ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए ये बातें कहीं. राहुल गांधी के समर्थन में उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में भाजपा ने राहुल गांधी को ‘फेल प्रोडक्ट’ कहा.

एक दिन पहले एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में Prime Minister Narendra Modi ने भी बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसा था. Prime Minister मोदी ने कहा, “पता नहीं कांग्रेस अपने ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने के लिए देश को कब तक दांव पर लगाती रहेगी. श्रीहरिकोटा (सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र) में भी उतने लॉन्च नहीं होते, कांग्रेस जितने साल भर में अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है.”

राहुल गांधी, सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है और दावा किया है कि यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है.

थरूर ने Prime Minister के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि गांधी परिवार और उनका उपनाम अब पार्टी के लिए ही एक बोझ बन गया है. थरूर ने कहा, “हमारी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहुत मजबूत है. मैंने कई बार अपनी पार्टी के विचारों से अलग राय रखी है, लेकिन फिर भी मैं यहीं हूं. मैं अभी भी पार्टी में हूं. मुझे मतदाताओं के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने, एक नेता के रूप में अपनी Government के लिए प्रचार करने और संसदीय समिति (इस मामले में विदेश मामलों की समिति) की अध्यक्षता करने का मौका मिला है.”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सबको समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) मिले, तो कांग्रेस Government का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

वैश्विक स्तर पर ‘मल्टीपोलैरिटी’ (बहुध्रुवीयता) के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारी अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रही है, क्योंकि स्थापित वैश्विक संस्थाएं बदलती वास्तविकताओं के साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही हैं.

थरूर ने कहा कि पुरानी भू-Political निश्चितताएं खत्म हो रही हैं, अमेरिकी प्रभुत्व को लगातार चुनौती मिल रही है और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक ऐसे बदलाव से गुजर रही है जिसका अंतिम रूप अभी स्पष्ट नहीं है.

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एससीएच/