
गांधीनगर, 25 सितंबर . Gujarat में छात्रों और अभिभावकों को अब स्कूल की किताबें खरीदने के लिए दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. राज्य Government की पहल के तहत छात्र और अभिभावक पाठ्यपुस्तकों को ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे और उन्हें प्रिंटेड कीमत पर घर तक पहुंचाया जाएगा.
Gujarat राज्य स्कूल पाठ्यपुस्तक बोर्ड ने इसके लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है. इसके तहत बोर्ड की पाठ्यपुस्तकें अमेजन पर उपलब्ध होंगी और उन्हें खरीदने पर अभिभावकों एवं छात्रों को अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज नहीं देना होगा.
इस सुविधा के तहत बोर्ड की ओर से सभी कक्षाओं और माध्यमों के लिए प्रकाशित पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी. राज्य Government कुछ पाठ्यपुस्तकें छात्रों को मुफ्त उपलब्ध कराती है, जबकि अन्य किताबें छात्रों को खरीदनी पड़ती हैं. खास तौर पर सेल्फ फाइनेंस्ड स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कई किताबें खुद खरीदनी होती हैं.
अमेजन के साथ हुए समझौते के बाद छात्र और अभिभावक जरूरत के अनुसार इन किताबों को ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे. उन्हें किताब की प्रिंटेड कीमत ही चुकानी होगी और इसके अलावा कोई अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क नहीं देना होगा.
Ahmedabad की रहने वाली अभिभावक किंजल मकवाना ने इस सुविधा को कामकाजी माता-पिता के लिए उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि उनका बच्चा पहली कक्षा में पढ़ता है और उन्होंने Gujarat टेक्स्टबुक बोर्ड की किताबें अमेजन के जरिए ऑर्डर की थीं. दोनों के कामकाजी होने के कारण उनके पास किताबें खरीदने के लिए आने-जाने का समय नहीं था. ऑनलाइन ऑर्डर करने पर सभी किताबें आसानी से घर पहुंच गईं.
Gujarat राज्य स्कूल पाठ्यपुस्तक बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष मनुभाई पावरा ने कहा कि अमेजन के साथ समझौते का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों तक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के किताबें घर पर पहुंचाना है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेजन के साथ बातचीत के बाद एमओयू किया गया. इसके तहत बच्चों और अभिभावकों को पाठ्यपुस्तकें प्रिंटेड कीमत पर घर तक पहुंचाई जा सकेंगी और उन्हें कोई अतिरिक्त राशि नहीं देनी होगी. अब जरूरत पड़ने पर छात्र अमेजन के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए किताबें मंगा सकेंगे.
Gujarat राज्य स्कूल पाठ्यपुस्तक बोर्ड हर साल करीब 1.5 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का वितरण करता है. नई ऑनलाइन सुविधा ऐसे छात्रों के लिए भी उपयोगी होगी, जिन्हें Government की वितरण व्यवस्था के तहत मिलने वाली पुस्तकों के अलावा अतिरिक्त कॉपी या अन्य किताबों की जरूरत होती है.
इस पहल के जरिए छात्रों और अभिभावकों को पाठ्यपुस्तकों तक ऑनलाइन पहुंच देने की कोशिश की गई है, ताकि उन्हें हर बार किताब खरीदने के लिए बुक स्टोर पर न जाना पड़े.
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एएमटी/डीकेपी
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