‘अफवाहों पर विश्वास न करें, सच की जीत होगी’, एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल पर बोले सीएम सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता, 27 सितंबर . ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ को लेकर चल रही मीडिया रिपोर्ट्स पर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी है. पीआईबी फैक्ट चेक को लेकर उन्होंने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अफवाहों पर विश्वास न करें. सच की ही जीत होगी.

Chief Minister ने पीआईबी के उस फैक्ट चेक पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें बताया गया कि President द्वारा ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ को वापस नहीं भेजा गया है, बल्कि यह विचाराधीन है.

सीएम ने कहा कि Political विरोधियों और निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग जानबूझकर फर्जी खबरें और भ्रामक दावे फैला रहे हैं.

उन्होंने लिखा, “बेबुनियाद प्रचार और दुर्भावनापूर्ण अफवाहों का सच सामने आया. कुछ Political विरोधियों और अपने फायदे के लिए काम करने वाले लोगों का एक वर्ग जानबूझकर झूठी खबरें और गुमराह करने वाली बातें फैला रहा है. वे दावा कर रहे हैं कि India के President ने ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ को लौटा दिया है. बिना पुष्टि वाली अफवाहों पर विश्वास न करें. सच की ही जीत होगी.”

राज्य Government इससे पहले भी President द्वारा प्रस्तावित विधेयक लौटाए जाने से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स को आधारहीन बता चुकी है. Government का कहना है कि बिल अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है.

इससे पहले पीआईबी फैक्ट चेक ने भी उन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रामक और गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि President ने पश्चिम बंगाल Government के प्रस्तावित बिल को पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया है.

दिए गए आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि बिल अभी परीक्षण की प्रक्रिया में है.

राज्य Government ने भी कहा है कि उसे बिल वापस किए जाने से संबंधित कोई सूचना नहीं मिली है और प्रस्तावित कानून अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि President द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तावित ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है. एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि विधेयक का एक प्रावधान केंद्रीय नारकोटिक्स कानून से ओवरलैप कर सकता है.

हालांकि, बाद में President द्वारा बिल लौटाए जाने के दावे का राज्य Government ने खंडन किया और इसे आधारहीन बताया.

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एएमटी/डीकेपी