
बठिंडा, 21 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया Monday को बठिंडा पहुंचे और ‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब को पूरी तरह से नशे से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है.
भाजपा नेता सतीश पूनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ चार यात्राएं शुरू की हैं. यह लगभग 13 दिनों की यात्रा है. 18 सितंबर से यात्रा की शुरुआत हुई, जिसका 30 सितंबर को समापन होगा.
उन्होंने बताया कि एक यात्रा पठानकोट के सुजानपुर से शुरू हुई. दूसरी फाजिल्का से शुरू हुई. एक यात्रा की आज पवित्र श्री दमदमा साहिब से शुरुआत हो रही है. चारों यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होंगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सुजानपुर से यात्राओं की शुरुआत की थी और इस यात्रा के समापन के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जालंधर आएंगे.
सतीश पूनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब को पूरी तरह से नशे से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. अक्सर यह सवाल उठता है कि आप यह कैसे करेंगे? तो जो पार्टी अनुच्छेद 370 को हटा सकती है और नक्सलवाद को खत्म कर सकती है, वह नशे को भी खत्म कर सकती है. इसीलिए अमित शाह ने हाल ही में एक ट्वीट भी किया था और साफ तौर पर बोला कि हमें इसके लिए दो साल का समय चाहिए होगा. उन्होंने साल 2029 की डेडलाइन दी.
भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब देश का सिरमौर है. पहले पंजाब की ओलंपिक और सेना के मैदान पर रौनक होती थी. राज्य के युवा दुनिया में जाने जाते थे. आज उस जवानी को नशे से चुनौती है. इस नशे को पूरी तरह खत्म करने के संकल्प के साथ हमारी यात्रा चल रही है. यह यात्रा सिर्फ सियासी यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक तरीके से नशे को खत्म करने के संकल्प की यात्रा है. हम धार्मिक स्थलों से ऊर्जा लेकर इस कार्य में लगे हैं.
यात्रा के विरोध पर सतीश पूनिया ने कहा, “लोकतंत्र में समर्थन और विरोध दोनों होते हैं. मेरा मानना है कि विरोध भी तार्किक आधार पर होना चाहिए. उसमें किसी तरीके के प्रतिकार या मर्यादा के उल्लंघन की इजाजत संविधान नहीं देता है. सबको अपनी बात कहने का हक है, लेकिन वोट देने का काम जनता का है.”
इसी बीच, पूनिया ने पंजाब में भाजपा नेताओं के काफिलों पर हुए हमले लेकर कहा कि यह जायज नहीं है. Governmentें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता इस विषय को देख रही है. अभी एक अच्छी पहल कर रहे हैं, कोई वोट नहीं मांग रहे हैं. हमारा कहना है कि हम सत्ता में आने के बाद राज्य से नशे को खत्म करेंगे. अगर इसका कोई विरोध करता है तो स्पष्ट है कि वह नशे के पक्ष में है.
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डीसीएच/
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