अनिल बलूनी ने राहुल गांधी पर दलित राजनीति और समाज को बांटने का लगाया आरोप, बोले- और कितना नीचे गिरेंगे?

New Delhi, 29 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनिल बलूनी ने कांग्रेस नेता और Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दलित समाज को लेकर राजनीति करने, समाज में विभाजन पैदा करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है.

BJP MP अनिल बलूनी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक स्वच्छता कार्यक्रम को जाति से जोड़कर अनावश्यक विवाद पैदा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कार्यक्रम का जाति से कोई संबंध नहीं था, उसे भी राहुल गांधी ने Political रंग देने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कितना नीचे गिरेंगे? जिस स्वच्छता कार्यक्रम में जाति का कोई लेना-देना ही नहीं था, उसको भी जाति का एंगल दे देना और राजनीति करना, ये नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता. जो इस पूजा–पाठ और साफ सफाई के कार्यक्रम में थे, वे भी दलित समाज से ही थे, राहुल गांधी. साथ ही, भाजपा से इनका कोई संबंध भी नहीं है. कमाल है, राहुल गांधी आपको ये झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाते शर्म नहीं आती.

अनिल बलूनी ने आगे कहा कि देश का बंटवारा करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी समाज का बंटवारा करवाने में लग गए हैं. इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने दलितों के साथ हमेशा अन्याय किया है. बाबा साहब का अपमान करने वाले, अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को बदनाम करने वाले, दलितों से अपने चप्पल उठवाने वाले और अपने वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमरे से बाहर रखने वाले लोग जब दलित राजनीति पर ज्ञान देने लगते हैं तो यह बहुत ही हास्यास्पद लगता है. राहुल गांधी, पहले आप अपने गिरेबां में झांकें.

वहीं, भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी झूठ और भ्रम के आधार पर एक Political नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है. पासवान ने कहा कि कांग्रेस दलित सम्मान की बात करती है, लेकिन पार्टी के भीतर ही दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता. उन्होंने वायनाड Lok Sabha चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका का जिक्र करते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

पासवान ने कांग्रेस पर दलित नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस का रवैया इतिहास में दर्ज है. उन्होंने दावा किया कि बाबू जगजीवन राम को उनका उचित Political सम्मान नहीं मिला और बाबासाहेब अंबेडकर को India रत्न भी कांग्रेस शासनकाल में नहीं दिया गया. उनके अनुसार, भाजपा समर्थित Government के दौरान बाबासाहेब अंबेडकर को India रत्न से सम्मानित किया गया.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक न्याय को लेकर गंभीर है तो उसे अपने शासनकाल की उन घटनाओं का जवाब देना चाहिए, जिनमें दलित समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार हुए. उन्होंने कहा कि भाजपा Government ने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं. उन्होंने Odisha, छत्तीसगढ़, Madhya Pradesh और Rajasthan में भाजपा द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को नेतृत्व में स्थान दिए जाने का भी उल्लेख किया.

वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की राजनीति को ‘विभाजनकारी’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस समय-समय पर जाति, भाषा, क्षेत्र, पितृसत्ता और अन्य सामाजिक मुद्दों को उठाकर समाज में टकराव पैदा करने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों के बीच सामंजस्य और सामाजिक न्याय के साथ समाधान की राजनीति में विश्वास करती है.

डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास और विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों और वंचित वर्गों के प्रति कांग्रेस का वास्तविक रवैया उसके Political बयानों से अलग रहा है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने हमेशा सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हर मुद्दे को जातीय और सामाजिक संघर्ष के नजरिये से देखते हैं, जबकि देश को एकजुट करने की आवश्यकता है.

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने Political इतिहास और वर्तमान आचरण की समीक्षा करनी चाहिए. पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी लगातार ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे समाज में विभाजन की भावना को बढ़ावा मिलता है, जबकि भाजपा का लक्ष्य सभी वर्गों को साथ लेकर विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है.

एएमटी/डीकेपी