अदालतों के जरिए चुनाव रोकने की कोशिश कर रही है वाईएसआरसीपी : चंद्रबाबू नायडू

अमरावती, 21 अक्टूबर . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Wednesday को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि वह अदालतों का दरवाजा खटखटाकर चुनाव और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी Bengaluru में बैठकर तोड़फोड़ की साजिश रच रहे हैं.

उन्होंने कहा कि केवल जगन जैसे ‘आपराधिक प्रवृत्ति वाले मुकदमेबाज’ ही ऐसी रणनीति बना सकते हैं जिसमें वे खुद तबाही मचाएं और फिर तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाएं.

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख ने मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, उम्मीदवारों और बूथस्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक टेली कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में टीडीपी और उसके सहयोगियों की जीत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि जब Government ने वाईएसआरसीपी की तोड़फोड़ की हरकतों से सख्ती से निपटा, तो उन्होंने चुनावों को रोकने के लिए अदालत का रुख किया.

उन्होंने कहा, “जब भी उनकी तोड़फोड़ की कोशिशें नाकाम हो जाती हैं, तो वे चुनावों को रोकने के लिए अदालत पहुंच जाते हैं. लोकतंत्र में भरोसा न रखने वाले लोग इसी तरह सोचते हैं.”

उन्होंने वाईएसआरसीपी पर अदालती फैसलों को भी तोड़-मरोड़ कर पेश करने की साजिश रचने का आरोप लगाया.

टीडीपी प्रमुख का इशारा संभवतः शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी याचिका पर Supreme Court के आदेश के बाद वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया की ओर था.

वाईएसआरसीपी को ‘कुल्हाड़ी पार्टी’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ एनडीए चुनावों के लिए मजबूत उम्मीदवारों के चयन में व्यस्त है, वहीं Bengaluru में बैठे ‘कुल्हाड़ी पार्टी’ के अध्यक्ष तोड़फोड़ की साजिश रच रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, “जब हम अलग-अलग नगर पालिकाओं के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने में लगे हैं, तब जगन साजिशें रचने में व्यस्त हैं. वे दूसरे राज्यों से गुंडों को बुलाकर कुछ खास इलाकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि वाईएसआरसीपी ने मतदाता सूची की आलोचना की और अदालत में जाकर मांग की कि नई मतदाता सूची तैयार होने तक स्थानीय निकाय चुनावों को रोक दिया जाए.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बैकवर्ड क्लास (पिछड़ा वर्ग) आरक्षण में भी बाधा डाली, इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट और Supreme Court में लगभग 60 याचिकाएं दायर कीं.

चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के साथ राजनीति करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसकी सोच ‘विकृत’ है. उन्होंने कहा, “ऐसी विकृत मानसिकता वाले लोगों को राजनीति से दूर रखना चाहिए. अगर आपराधिक मामलों में फंसे लोग राजनीति में बने रहते हैं तो वे विकास और कल्याणकारी कार्यों में बाधा डालेंगे.”

Chief Minister ने टीडीपी नेताओं से कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करना होना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को जन सेना और भाजपा के साथ तालमेल बैठाकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए.

उन्होंने उनसे कहा कि उम्मीदवारों के चयन से लेकर अंतिम नतीजों तक हर पहलू को पूरी गंभीरता से लें.

उन्होंने कहा, “हम मजबूत उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं और उन लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन्होंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है. वहीं ‘कुल्हाड़ी वाली पार्टी’ विनाशकारी लोगों को उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार रही है.”

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एससीएच/