अगर योगी आदित्यनाथ को सरकार के कामकाज पर है भरोसा तो अयोध्या से लड़ें चुनाव, अखिलेश यादव की चुनौती

अयोध्या, 8 अक्टूबर . Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Thursday को अयोध्या दौरे पर Chief Minister योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर Chief Minister योगी आदित्यनाथ को अपनी लोकप्रियता और Government के कामकाज पर भरोसा है तो आगामी चुनाव अयोध्या सीट से लड़कर दिखाएं.

अखिलेश यादव की यह चुनौती इसलिए चर्चा में है क्योंकि राम मंदिर आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाने वाली भाजपा को पिछले चुनाव में अयोध्या सीट पर Samajwadi Party के उम्मीदवार ने हरा दिया था.

अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को वहां चुनाव लड़ने के लिए मजबूत उम्मीदवार नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा के आंतरिक सर्वे भी संकेत दे रहे हैं कि पार्टी को अयोध्या में एक बार फिर हार का सामना करना पड़ सकता है.

2024 में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या की यह उनकी तीसरी यात्रा थी, लेकिन इस दौरान अखिलेश यादव ने राम मंदिर का दौरा नहीं किया. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अयोध्या में पार्टी की स्थिति कमजोर है और इसी वजह से वह उम्मीदवार तय करने में भी मुश्किल महसूस कर रही है.

सपा नेता ने तंज कसते हुए कहा, “अगर Chief Minister बड़े-बड़े दावे करते हैं और इतने आत्मविश्वास से भरे हैं, तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “जब से हमने अयोध्या के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा की है, भाजपा लगातार सर्वे कर रही है. हर सर्वे में वह पिछड़ रही है. ऐसी चर्चा है कि पार्टी अयोध्या के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार भी नहीं ढूंढ पा रही है.”

पार्टी के चुनावी वादे को दोहराते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य में महिलाओं को हर साल 40,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी और इससे उनके जीवन में वास्तविक बदलाव आएगा.

अयोध्या की शान और पहचान को फिर से बहाल करने की पार्टी की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब राज्य में समाजवादी Government बनेगी, तो वह विकास को गति देने और भगवान राम की जन्मस्थली इस शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए काम करेगी.

मौजूदा योगी आदित्यनाथ Government के तहत ‘बुलडोजर न्याय’ का सीधा जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आने वाले समय में जब समाजवादी Government सत्ता में होगी, तो आपके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा और न ही आपकी दुकान या घर तोड़ा जाएगा.”

सबसे अधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश अगले साल की शुरुआत में होने वाले अहम विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है और सत्ताधारी तथा विपक्षी दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए जनसंपर्क और बड़े पैमाने पर लामबंदी के कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं.

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