अगर भारत में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ, तो अमित शाह क्या कर रहे हैं : उदित राज

New Delhi, 23 अक्टूबर . कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा India में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को फ्रांस में फैली अशांति से जोड़े जाने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने भाजपा से इस दावे के प्रमाण पेश करने की मांग की है.

उदित राज ने भाजपा के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा, “इसका प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए. खबर तो खबर होती है, कोई निश्चित बात नहीं कही गई है, सिर्फ संभावनाएं व्यक्त की हैं. अगर ऐसी कोई संभावना है भी, तो हमारे गृह मंत्री क्या कर रहे हैं? क्या वह केवल चुनाव लड़ने में लगे हुए हैं? एनआईए और रॉ क्या कर रही हैं? अगर देश में ऐसी कोई साजिश चल रही है, तो उसे रोका जाना चाहिए और India में मौजूद उसके एजेंटों और उत्प्रेरकों पर पहले काबू पाना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा कि अगर यह किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की साजिश है, तो यह मीडिया में चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए. उदित राज ने सवाल उठाया कि भाजपा नेता इस तरह की संवेदनशील बातों को लेकर मीडिया में क्यों जाते हैं. यह इंटेलिजेंस का मामला है. जो चीज होती है, वह दिखती नहीं और जो दिखती है, वह होती नहीं है. हमारा इंटेलिजेंस तंत्र क्या कर रहा है? उसे इस साजिश को कवर करना चाहिए और रोकना चाहिए.

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार द्वारा India में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ होने के आरोपों पर भी पलटवार किया.

उदित राज ने कहा कि आरएसएस के ही छह-सात सौ संगठन अमेरिका और इंग्लैंड में रजिस्टर्ड हैं. अगर विदेशी फंडिंग की जांच करनी ही है, तो सबसे पहले उन संगठनों की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “आरएसएस का जो मुख्यालय बना है, वह लगभग तीन सौ करोड़ रुपये का होगा. उसके धन की जांच कराई जानी चाहिए. जगह-जगह आरएसएस की क्षेत्रीय इमारतें बनी हुई हैं, उनके धन की भी जांच होनी चाहिए. भाजपा के 290 से ज्यादा कार्यालय बन चुके हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए. ये दूसरों पर उंगली उठाते हैं, जबकि इनके खुद के दामन में दाग है.”

वहीं, Lok Sabha स्पीकर ओम बिड़ला के उस बयान पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को हटाने की प्रक्रिया वैसी ही है जैसी Supreme Court के चीफ जस्टिस की है और अगर विपक्ष इस संबंध में महाभियोग प्रस्ताव लाता है, तो प्रक्रिया के तहत उस पर चर्चा की जाएगी.

उदित राज ने कहा कि 2023 में Government द्वारा बनाया गया चुनाव आयुक्तों से संबंधित कानून बेहद खतरनाक है. उन्होंने कहा, “इस कानून में ऐसी इम्युनिटी दी गई है जो किसी को नहीं मिलती. ज्ञानेश कुमार या कोई भी चुनाव आयुक्त कुछ भी गलत करे, तो उसके खिलाफ जब तक वह पद पर है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकती. क्या ऐसा कानून कहीं होता है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने Lok Sabha में अपने बहुमत के दम पर यह कानून बनाया है. Government जानती है कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होता और उनकी सीटें कम नहीं होतीं, तब तक इस कानून के तहत चुनाव आयुक्त को हटाना संभव नहीं हो पाएगा.

बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने के मामले पर भी उदित राज ने अपनी बात रखी. बीकानेर हाउस प्रबंधन ने कहा था कि कुछ तस्वीरें उनकी नीतियों के विरुद्ध थीं और Political थीं, इसलिए उन्हें हटाया गया.

इस पर उदित राज ने कहा, “इसकी कोई पॉलिसी नहीं होती. पेंटिंग, कला और संस्कृति एक व्यक्ति की अभिव्यक्ति होती है, सच्चाई की अभिव्यक्ति होती है. इसकी कोई नीति नहीं हो सकती. अगर कोई आर्टिस्ट या पेंटर देश में चल रहे आंदोलनों और मौजूदा घटनाओं को कैप्चर नहीं करेगा, तो फिर क्या करेगा? यह Government का पूर्वाग्रह है. इन्होंने भाजपा Government के दबाव में तस्वीरें हटाई हैं और अब बहाना बना रहे हैं कि यह हमारी नीति है. उनकी कौन सी नीति है? पेंटिंग तो पेंटिंग होती है, आर्ट तो आर्ट होती है.”

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पीआईएम/एएस