
Lucknow, 30 सितंबर . Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा, दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक और चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेता दिनेश प्रताप सिंह ने टिप्पणी की. उन्होंने अखिलेश यादव के गठबंधन संबंधी रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ गठबंधन की बात की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी के घर से युद्ध का शंखनाद किया जा रहा है.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि उत्तर प्रदेश की जनता गठबंधन की पवित्रता को कैसे महसूस करेगी. विपक्षी दलों के गठबंधन अपने-अपने हित और स्वार्थ के लिए बनते हैं. प्रदेश की जनता इन गठबंधनों की राजनीति को समझती है और समय आने पर इसका जवाब देगी.
अखिलेश यादव के उस बयान पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने हरे रंग को हरियाली और लाल रंग को दूसरी क्रांति का प्रतीक बताया था. इस पर भाजपा नेता ने कहा कि रंगों का भारतीय संस्कार और संस्कृति में महत्व है, लेकिन राजनीति और जनसेवा में रंग से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कौन जनता की बेहतर सेवा कर रहा है.
उन्होंने कहा कि कोई सफेद, हरा या लाल कपड़ा पहनकर और कोई भगवा झंडा लेकर भी जनता की सेवा कर सकता है. असली सवाल यह है कि जनता की सेवा कौन बेहतर तरीके से कर रहा है. दिनेश प्रताप सिंह ने इस संदर्भ में Prime Minister Narendra Modi और भाजपा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश सुरक्षित है, देशवासियों की मेहनत की कमाई सुरक्षित है और देश का सम्मान सुरक्षित है. भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा के साथ काम कर रही है.
इंडिया ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से रखी गई छह प्रमुख मांग, जिनमें ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने और चुनाव आयोग की जवाबदेही व निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग शामिल थी. दिनेश प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव में हार होती है तो विपक्ष ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराता है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि जिस चुनाव आयोग से उसके नेताओं को सांसद चुने जाने का प्रमाणपत्र मिला, उसी आयोग पर सवाल उठाने से पहले उन प्रमाणपत्रों को वापस करना चाहिए.
उन्होंने पुराने चुनाव आयोग से जुड़े एक आरोप का भी उल्लेख किया और सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची से संबंधित सवाल उठाए. विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वर्तमान चुनाव आयोग ने ऐसी कौन-सी गलती की है जिसके आधार पर उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर कठपुतली की तरह काम करने का आरोप लगाया था और कहा था कि ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस पर दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने राहुल गांधी को परजीवी सांसद और परजीवी आंदोलनकारी बताते हुए कहा कि वे दूसरे आंदोलनों का हिस्सा बनकर खुद को आंदोलनकारी के रूप में पेश करते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र या अन्य समूह आंदोलन करते हैं तो राहुल गांधी उनके साथ खड़े होकर उस आंदोलन का हिस्सा बनने की कोशिश करते हैं. दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के देश और विदेश में रहने को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वे देश की अपेक्षा विदेशों में अधिक समय बिताते हैं.
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