
Lucknow, 19 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में Samajwadi Party (सपा) के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सम्मेलन और पार्टी की Political रणनीति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निशाना साधा है.
भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कन्नौज में पीडीए सम्मेलन के दौरान कुर्सियां खाली रहने के मुद्दे पर सपा के भीतर गुटबाजी का आरोप लगाया. वहीं, सपा के घोषणापत्र का नाम बदलकर ‘प्रण पत्र’ रखने पर भी उन्होंने अखिलेश यादव को घेरा. इसके अलावा, मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप और BJP MP प्रकाश पाल ने भी सपा, चंद्रशेखर आजाद और कांग्रेस को लेकर बयान दिए.
भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष और अखिलेश यादव के बीच बातचीत के बाद पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी और सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि सपा के भीतर आखिर किस तरह की गुटबाजी चल रही है. इससे पहले गोरखपुर में हाथापाई की घटना हुई थी, जिसके बाद वहां की कार्यकारिणी भंग कर दी गई. अब कन्नौज में पीडीए सम्मेलन के दौरान कुर्सियां खाली रहने के बाद स्थानीय कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया गया.
सपा की ओर से 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर घोषणापत्र जारी करने की घोषणा पर भी भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस बार सपा ने घोषणापत्र का नाम बदलकर ‘प्रण पत्र’ कर दिया है, लेकिन केवल नाम बदलने से इरादे नहीं बदलते.
उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा ने पहले विधान परिषद में अपना नेता बदला, फिर उत्तराखंड में पार्टी अध्यक्ष को बदला और चुनाव के बीच अपना उम्मीदवार भी बदल दिया.
यूपी Government में मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पीडीए का घोषणापत्र जारी करने से पहले अखिलेश यादव को अपनी पार्टी के सदस्यों और उत्तर प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए. उन्होंने राज्यसभा के लिए चुने गए दो उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि सपा ने किन लोगों को नामांकित किया. इनमें एक अखिलेश यादव के चाचा और दूसरे एक बेहद अमीर व्यक्ति थे.
BJP MP प्रकाश पाल ने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की Chief Minister योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चंद्रशेखर की राजनीति वैसे ही खत्म होने वाली है और उन्हें बड़ी-बड़ी बातें नहीं करनी चाहिए. उन्होंने योगी आदित्यनाथ को ‘अपराजित योद्धा’ बताते हुए उनके Political सफर का उल्लेख किया. पाल ने कहा कि योगी पांच बार सांसद, एक बार विधान परिषद सदस्य और एक बार विधायक रह चुके हैं.
उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि गांधी और नेहरू को अपना नेता नहीं मानने वालों को देशभक्त नहीं माना जा सकता. पाल ने कहा कि किसे अपना नेता मानना है, यह हर व्यक्ति का निजी विचार है और सभी को इसकी स्वतंत्रता है.
उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि जिसे एक व्यक्ति अपना नेता माने, दूसरा भी उसे माने. पाल ने सरदार पटेल को नेहरू से बड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि नेहरू वोटों की चोरी करके Prime Minister बने थे.
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एबीएम
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