
Lucknow, 20 अक्टूबर . भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. विजयादशमी के पर्व, फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करने को लेकर उन्होंने अखिलेश यादव की आलोचना की. वहीं, Chief Minister योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में दिखाने वाले एआई से बनाए गए वीडियो पर भी भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी और सपा प्रमुख पर निशाना साधा.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि विजयादशमी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. बाजारों में रौनक है और लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी के चेहरे से खुशी गायब है, तो वह अखिलेश यादव हैं. अखिलेश यादव को भगवान राम के नाम से परेशानी होती है. सपा प्रमुख ने अपने कार्यकाल में मंदिर निर्माण के रास्ते में बाधाएं डालने की कोशिश की थी. भाजपा प्रवक्ता ने मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर गोली चलवाने, कांवड़ यात्रा और शिव यात्रा में डीजे पर प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब देशभर में भगवान श्रीराम के जयकारे लग रहे हैं और रावण दहन की तैयारियां हो रही हैं, तब अखिलेश यादव के चेहरे पर खुशी न दिखने की बात कही जा रही है. उन्होंने सपा प्रमुख पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता Samajwadi Party की बची-खुची Political ताकत भी खत्म कर देगी.
अखिलेश यादव की ओर से फ्रांस में जारी प्रदर्शनों का उल्लेख किए जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सपा प्रमुख अब India के बजाय फ्रांस की घटनाओं का हवाला दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को राहुल गांधी और फ्रांस से प्रेरणा मिल रही है. सिंह ने कहा कि India अराजकता से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है और देश किसी दूसरे मुल्क के इशारे पर काम नहीं करता. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जनता के समर्थन से Prime Minister बने हैं. उन्होंने आगे कहा कि जनता का समर्थन आगे भी मोदी के साथ रहेगा और उनके नेतृत्व में India विकसित राष्ट्र बनेगा.
Chief Minister योगी को रावण के रूप में दिखाने वाले एआई से तैयार वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ अखिलेश यादव की निराशा बढ़ रही है. उन्होंने Samajwadi Party के शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान माफिया तत्वों को संरक्षण दिया गया और महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्गों का अपमान हुआ. जिन लोगों पर अपने शासनकाल में ऐसी शक्तियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं, वे अब दूसरों को रावण के रूप में दिखा रहे हैं.
दिनेश प्रताप सिंह ने आगे कहा कि लोकतंत्र में नेताओं के कामकाज का फैसला जनता करती है. 2017 से Samajwadi Party और उसके नेताओं को जनता के फैसले का सामना करना पड़ रहा है और 2027 में मतदाता पार्टी को फिर जवाब देंगे.
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