अखिलेश यादव को अपनी सरकार के पांच साल के कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए: नरेंद्र कश्यप

Lucknow, 31 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की कानून-व्यवस्था, चुनाव आयोग और भाजपा को लेकर की गई टिप्पणियों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को Samajwadi Party की किसी सलाह की जरूरत नहीं है. सपा नेताओं को दूसरों को सलाह देने से पहले अपनी पांच साल की Government के कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए.

इसके अलावा, कश्यप ने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की दोबारा प्रचंड बहुमत से Government बनने का दावा भी किया. साथ ही, उन्होंने केजीएमयू में सामने आए धर्मांतरण के मामले, राम जन्मभूमि पर एसटी हसन के बयान और एक नवंबर को प्रस्तावित विपक्षी रैली को लेकर भी प्रतिक्रिया दी.

अखिलेश यादव ने कहा था कि अमित शाह को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए. इस पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि Chief Minister और गृह मंत्री को Samajwadi Party की सलाह की कोई आवश्यकता नहीं है. हालांकि, उन्होंने सपा को सलाह दी कि वह अपने शासनकाल के पांच वर्षों के कामकाज का आकलन जरूर करे. कश्यप ने आरोप लगाया कि सपा Government के दौरान प्रदेश में दंगे हुए, सड़कों पर गुंडाराज कायम था और महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ. उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा को पहले अपने कार्यकाल के हालात पर जवाब देना चाहिए, उसके बाद गृह मंत्री को सलाह देने की बात करनी चाहिए.

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि पहले प्रदेश और फिर देश से भाजपा को हटाया जाएगा, कश्यप ने ख्याली पुलाव बताया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के नेता अपनी कल्पनाओं में Government बदलने की बातें कर सकते हैं, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश की Political स्थिति समझनी चाहिए. केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश कार्यसमिति में पूरे विश्वास के साथ स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा की Government उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में है और 2027 में भी उसे कोई सत्ता से नहीं हटा सकता.

उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रदेश की जनता के सहयोग से मजबूत हुआ है. गृह मंत्री जब भी कोई Political आकलन करते हैं, तो परिस्थितियों को समझकर और पूरे भरोसे के साथ अपनी बात रखते हैं. उन्होंने दिल्ली, Haryana, Maharashtra, बिहार और बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि गृह मंत्री ने चुनावों से पहले जो बातें कही थीं, वे पूरी होती दिखाई दीं. 2027 में यूपी में भाजपा फिर से प्रचंड बहुमत के साथ Government बनाएगी. प्रदेश कार्यसमिति में भी इस विश्वास को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग भाजपा के मतदाताओं को ही भारतीय नागरिक मानता है. इस पर कश्यप ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग को कैसे पता होगा कि कौन सा मतदाता भाजपा का है और कौन किसी दूसरी पार्टी का. मतदाताओं की Political पहचान के आधार पर चुनाव आयोग पर आरोप लगाना गठबंधन के नेताओं की अस्वाभाविक मानसिकता को दिखाता है. चुनाव आयोग के लिए मतदाताओं को भाजपा या किसी दूसरी पार्टी के वोटर के रूप में पहचानना संभव नहीं है. प्रदेश के सभी मतदाताओं को भाजपा अपना मानती है. यदि Samajwadi Party कुछ मतदाताओं को अपना नहीं मानती है, तो यह उसकी अपनी सोच है.

केजीएमयू में धर्मांतरण के मामले को मंत्री ने गंभीर और खतरनाक बताया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ लोग तुष्टिकरण और धर्म परिवर्तन कराने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते रहे हैं. जिन डॉक्टरों का काम समाज की सेवा करना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है, उनके खिलाफ धर्मांतरण से जुड़े आरोप सामने आना चिंताजनक है. मामले का खुलासा होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली Government है और प्रदेश में धर्मांतरण की गतिविधियों को जारी रखना अब आसान नहीं होगा. डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, या तुष्टिकरण की नीति के जरिए प्रदेश में धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाले लोग, कानून के दायरे में कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

राम जन्मभूमि को लेकर एसटी हसन के बयान पर कश्यप ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि एसटी हसन को हिंदू धर्म और भगवान श्रीराम के बारे में जानकारी नहीं है. पूरी दुनिया जानती है कि भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय ने अपने निर्णय में मंदिर निर्माण का रास्ता स्पष्ट किया और अयोध्या में रामलला की मूर्ति स्थापित हुई.

उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में भी अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मस्थली बताया गया है. Samajwadi Party सनातन धर्म और भगवान श्रीराम के सम्मान को लेकर विवादित बयान देने का कोई मौका नहीं छोड़ती. उन्होंने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने राम मंदिर का विरोध किया और रामभक्तों पर गोली चलवाई, उससे सनातन धर्म के प्रति सम्मान की उम्मीद करना उचित नहीं है. 2027 के चुनाव में सनातन धर्म को मानने वाले लोग सपा को इसका जवाब देंगे.

एक नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर कश्यप ने कहा कि गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और बागपत के व्यापारी इससे परेशान हैं. दिल्ली में कांग्रेस और उसके गठबंधन के सहयोगी लगातार किसी न किसी गतिविधि के जरिए सड़क जाम और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर रहे हैं. व्यापारियों को आशंका है कि इन गतिविधियों से उनके कारोबार को नुकसान होगा.

कश्यप ने विपक्षी दलों की संसदीय गतिविधियों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब संसद चलती है, तब विपक्षी नेता सदन में बैठने के बजाय बाहर प्रदर्शन करते हैं और जब संसद नहीं चलती, तब संसद चलाने का नाटक करते हैं. विपक्षी गठबंधन का संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं रह गया है. विपक्ष को अपनी Political गतिविधियों के दौरान आम लोगों और व्यापारियों की परेशानियों का भी ध्यान रखना चाहिए.

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