
Lucknow, 26 अक्टूबर . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Monday को Lucknow स्थित पार्टी कार्यालय में विभिन्न दलों से आए नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान भाजपा के पूर्व विधायकों सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर समेत पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी, भाजपा नेता चंद्र कुमार मिश्र और बसपा से जुड़े दारा सिंह प्रजापति सहित कई नेताओं ने सपा का दामन थामा.
इस मौके पर अखिलेश यादव ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ के साधु-संतों और सत्ता को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह राजनीति में Government बनाने और जनता की सेवा करने आए हैं. उन्होंने कहा, “मैं कोई साधु-संत थोड़ी हूं, जो जंगलों या मठों में जाऊंगा. हमें तो सत्ता और Chief Minister की कुर्सी चाहिए, ताकि हम प्रदेश का विकास कर सकें.”
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने को संगठन के विस्तार और पिछड़ा, दलित तथा अल्पसंख्यक (पीडीए) की राजनीति को मजबूती मिलने से जोड़ते हुए कहा कि इन जॉइनिंग से प्रदेश के पूरब से पश्चिम तक संदेश गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं को Political सम्मान दिया जाएगा और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के लिए जुटना चाहिए.
दारा सिंह प्रजापति का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, “जिनके साथ दारा होंगे, अखाड़ा वही जीतेंगे.” पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी के दौरान भी उनकी अपनी पहचान रही है. उन्होंने राम नाम का जिक्र करते हुए कहा, “जिनके नाम में राम जुड़ा हो, उनके बन जाएंगे सब काम.” अखिलेश का साधु-संतों और Chief Minister की कुर्सी को लेकर दिया गया बयान Chief Minister योगी आदित्यनाथ की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि साधु-संतों का लक्ष्य सत्ता या कुर्सी नहीं, बल्कि लोक कल्याण और सेवा होता है. योगी ने सत्ता की लालसा को परिवारवाद और सत्ता के मोह से जोड़कर विपक्ष पर निशाना साधा था.
उन्होंने कहा कि Samajwadi Party का उद्देश्य Government बनाकर जनता की सेवा करना और प्रदेश का विकास करना है. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही. सपा में शामिल होने वालों में बदायूं की दातागंज सीट से भाजपा के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर प्रमुख रहे.
भाजपा नेता चंद्र कुमार मिश्र उर्फ बापू ने भी पार्टी की सदस्यता ली. पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी भी सपा में शामिल हुए. वह पहले बहुजन समाज पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में नागरिक एकता पार्टी बनाने के बाद 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे. राम बहादुर पासी ने कहा कि वह 2015 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे और उस समय अखिलेश यादव Chief Minister थे. उन्होंने कहा कि अब उन्हें अखिलेश यादव के साथ काम करने का अवसर मिला है. उन्होंने 2027 में सपा की Government बनने और अखिलेश यादव के फिर Chief Minister बनने का दावा किया.
बसपा से सपा में आए दारा सिंह प्रजापति ने कहा कि वह टिकट या किसी पद के लिए पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं. उनका उद्देश्य अखिलेश यादव को Chief Minister बनाने के लिए काम करना है. उन्होंने कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में सपा की Government बनाने के लिए जुटेंगे. अमेरिका से India लौटीं सबीना परवीन ने भी Samajwadi Party की सदस्यता ग्रहण की. उन्होंने कहा कि वह केवल पार्टी में शामिल होने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव के आंदोलन का हिस्सा बनने आई हैं. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और विकास के क्षेत्रों में काम करने की इच्छा जताई. सबीना ने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने और वहां से पार्टी की दावेदारी पेश करने की मंशा भी जाहिर की.
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में Samajwadi Party की Government बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म की जाएगी. संविदा सफाई कर्मचारियों के हित में विशेष योजनाएं लाई जाएंगी और वाल्मीकि समाज के बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा. उन्होंने गरीब परिवारों को आवास और मालिकाना हक दिलाने की बात भी कही. उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर अवकाश देने का ऐलान करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों और वंचित वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा बड़े पैमाने पर साइकिलें वितरित करने और वकीलों के लिए चैंबर बनवाने की भी बात कही.
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में एक ही नाम की कई जगह प्रविष्टियां हैं और भाजपा चुनावी लाभ के लिए गड़बड़ियां कर रही है. अखिलेश ने दावा किया कि ‘सुनीता पत्नी राजेश’ नाम से प्रदेश में दो हजार से अधिक प्रविष्टियां मिली हैं. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और किसी अपात्र नाम की प्रविष्टि न हो.
अखिलेश ने मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने तथा बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान पत्र की नकल बनाना आसान नहीं होना चाहिए और आयोग को तकनीक के माध्यम से कथित गड़बड़ियों की जांच करनी चाहिए. अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए Lucknow में हत्या और गोरखपुर जेल में हुई संदिग्ध मौतों का उल्लेख किया. उन्होंने इन घटनाओं को लेकर राज्य Government से जवाबदेही की मांग की. उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए टीजीटी भर्ती का भी जिक्र किया.
सपा अध्यक्ष ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ से संबंधित खबरों का हवाला देते हुए केंद्र Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को Political जरूरतों के हिसाब से उठाया जाता है. अखिलेश यादव ने कहा कि Samajwadi Party को गठबंधन की राजनीति का अनुभव है और पार्टी विपक्षी सहयोगियों के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए काम करेगी.
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की अपील की. भाजपा के उन विधायकों को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की, जो सपा में आने के इच्छुक हैं. इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पार्टी में दूसरे दलों से नेताओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा. उन्होंने नए सदस्यों को भरोसा दिलाया कि उन्हें निराश नहीं होने दिया जाएगा. पूर्व सांसद सलीम शेरवानी ने बदायूं की सभी सीटों पर सपा की जीत का दावा किया.
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विकेटी/डीकेपी
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