
जौनपुर, 31 अक्टूबर . अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि अभी सर्टिफिकेट देने का वक्त नहीं है, बल्कि अखिलेश ने जो बकवास की है उसका जवाब देने का वक्त है. सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कठिन समय में आजम खान के साथ मजबूती से खड़े होने के बजाय अखिलेश यादव ने उनकी पत्नी को राज्यसभा भेजने के बजाय भाजपा से जुड़े व्यक्ति को भेज दिया, जिससे उनका असली चेहरा सामने आ गया है.
आजम खान की रिहाई को लेकर अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “पूरा मुस्लिम समाज देख रहा है कि आजम खान के साथ जिस Political द्वेष भावना से काम किया गया है, वह लोकतंत्र पर एक बड़ा दाग है. आने वाले समय में भाजपा को यह सौदा बहुत महंगा पड़ेगा. आजम खान जैसे कद्दावर नेता को बिना आधार और तथ्यहीन आरोपों के आधार पर पूरे परिवार सहित परेशान किया गया है, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है.”
उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से हम समझते हैं कि यह लोकतंत्र का सबसे बुरा और घटिया अध्याय है. भाजपा कितनी नीचे गिर सकती है, राजनीति में इसका एक जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला है. ऐसे बुरे समय में भी Samajwadi Party के बड़े नेता और मुलायम सिंह यादव के पुराने साथी आजम खान के साथ Samajwadi Party कभी मजबूती से खड़ी दिखाई नहीं पड़ी. आज भी जब उन्हें राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने का अवसर था, तब इस कठिन समय में आजम खान की पत्नी को राज्यसभा भेजना चाहिए था, लेकिन भाजपा से जुड़े व्यक्ति को राज्यसभा भेज दिया गया.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आखिर अखिलेश यादव का असली चेहरा क्या है? यह सवाल हम पूछना चाहते हैं. पूरा प्रदेश देख रहा है, पूरा प्रदेश जान रहा है कि अखिलेश यादव किसके इशारे पर काम कर रहे हैं. इसलिए उन्होंने जो कुछ भी कहा, अच्छा किया. समय रहते उन्होंने अपना असली चेहरा दिखा दिया. उन्होंने कहा कि देश का दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समाज समझ गया है कि अखिलेश यादव कहीं न कहीं भाजपा के इशारे पर गठबंधन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.
इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर उन्होंने कहा कि कल एक बड़ा Political कार्यक्रम होने जा रहा है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे एवं एसआईआर के नाम पर करोड़ों मतदाताओं को मतदाता सूची से वंचित करने की कथित साजिश को देखते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर ऐतिहासिक प्रदर्शन दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जिसमें सम्मिलित होने के लिए मैं वहां पहुंच रहा हूं.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि साथ ही ‘ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नाम पर हम सभी लोगों की तीन प्रमुख मांगें रहेंगी. पहली मांग- मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, दूसरी मांग- एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से हटाए गए करोड़ों मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाएं और तीसरी मांग- ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ.
अमित शाह की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि कल कह रहे थे कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का प्रभाव है और इसे कोई हटा नहीं सकता. अभी विधान परिषद चुनाव में भाजपा की जो किरकिरी हुई है, शायद उस पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है.
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