अखिलेश का पीडीए सिर्फ सत्ता की सीढ़ी, कन्नौज की जनता से हुई बड़ी चूक: असीम अरुण

Lucknow, 19 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने Samajwadi Party के मुखिया अखिलेश यादव पर Monday को तगड़ा Political प्रहार किया. असीम अरुण ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को महज एक चुनावी ढोंग करार दिया.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव का यह नारा जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि केवल Chief Minister की कुर्सी तक पहुंचने का जरिया भर है. कन्नौज की जनता ने अखिलेश यादव को सांसद चुनकर बड़ी भूल कर दी. ढाई साल से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन वह एक रात भी अपने संसदीय क्षेत्र में नहीं ठहरे. वह सिर्फ रस्म अदायगी के लिए आते हैं. एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रोककर चंद कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और Lucknow लौट जाते हैं.

कन्नौज में सपा के पीडीए सम्मेलन में पसरे सन्नाटे और खाली कुर्सियों के चलते जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने पर मंत्री असीम अरुण ने चुटकी ली. उन्होंने कहा कि कन्नौज सम्मेलन की तस्वीरें सपा के जमीनी जनाधार का असली आईना हैं. कार्यकर्ताओं की गैर-मौजूदगी और जनता की बेरुखी कोई अप्रत्याशित बात नहीं है. जो बिखराव आज कन्नौज में दिख रहा है, वही पूरे प्रदेश में सपा की वास्तविक स्थिति है.

असीम अरुण ने सवाल उठाया कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव को पीडीए की याद सताने लगती है, लेकिन उनका असली एजेंडा क्या है? उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव Chief Minister तो बनना चाहते हैं, पर यह नहीं बताते कि कुर्सी पाकर वे करेंगे क्या? कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मसलों पर उनके मुंह में ताला लग जाता है. महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर वे हमेशा मौन साध लेते हैं.

उन्होंने कहा कि जिस दल का न कोई स्पष्ट विजन है और न ठोस नीति, जिसका एकमात्र ध्येय सिर्फ अपने परिवार को सत्ता की मलाई खिलाना हो, उसकी ऐसी ही दुर्दशा तय है. उन्होंने सपा को वैचारिक रूप से खोखला बताते हुए कहा कि यह दल नीति और नैतिकता दोनों ही पैमानों पर पूरी तरह दिवालिया हो चुका है.

सपा की राजनीति के उलट भाजपा के कामकाज को रेखांकित करते हुए असीम अरुण ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi और Chief Minister योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की Government में भारतीय जनता पार्टी विकास के नए प्रतिमान गढ़ रही है. भाजपा लोक-कल्याणकारी नीतियों और उच्च Political नैतिकता की बुनियाद पर जनता के भरोसे के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है. सपा जैसे विपक्षी दल सिर्फ अवसरवादी नारों के सहारे अपनी सियासी जमीन तलाशने के लिए परेशान हैं.

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विकेटी/एसके