
New Delhi, 3 नवंबर . India में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की भर्ती गतिविधियों में अक्टूबर 2026 के दौरान मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. रोजगार वेबसाइट नौकरी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में व्हाइट-कॉलर हायरिंग सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी. मैन्युफैक्चरिंग, उत्पादन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े कौशलों की बढ़ती मांग ने इस वृद्धि को गति दी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर 2026 में नौकरी बाजार का संकेतक जॉबस्पीक इंडेक्स बढ़कर 2,836 पर पहुंच गया, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 2,480 था. रिपोर्ट में कहा गया है कि वृद्धि का एक कारण अनुकूल आधार प्रभाव भी रहा, क्योंकि पिछले वर्ष दिवाली अक्टूबर में पड़ने से भर्ती गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रहीं थीं.
उद्योगों के प्रदर्शन की बात करें तो ऑटोमोबाइल क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां भर्ती में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद बीपीओ/आईटीईएस क्षेत्र में 17 प्रतिशत और बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.
सभी उद्योगों को मिलाकर उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी नौकरियों की मांग 39 प्रतिशत बढ़ी, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ने वाले जॉब फंक्शनों में शामिल हो गया.
इंफो एज (इंडिया) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हितेश ओबेरॉय ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपनी क्षमता विस्तार पर काम कर रही हैं और एआई स्किल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जो यह संकेत देता है कि वर्तमान भर्ती रुझान मजबूत व्यावसायिक बुनियाद और वास्तविक मांग पर आधारित हैं.
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं के लिए भर्ती 41 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में 53 प्रतिशत और खरीद एवं सप्लाई चेन से जुड़ी नौकरियों में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके मुकाबले बिक्री और व्यवसाय विकास से जुड़ी भर्ती केवल 7 प्रतिशत बढ़ी.
रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो कंपनियां वाहन डिजाइन, उत्पादन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए तेजी से भर्ती कर रही हैं, जबकि बिक्री कार्यों में अपेक्षाकृत सीमित विस्तार देखा गया.
यही रुझान औद्योगिक उत्पाद और भारी मशीनरी क्षेत्र में भी देखने को मिला. इस सेक्टर में उत्पादन संबंधी भर्ती 40 प्रतिशत और गुणवत्ता आश्वासन पदों पर भर्ती 41 प्रतिशत बढ़ी. वहीं निर्माण, इंजीनियरिंग, सीमेंट और धातु क्षेत्र में उत्पादन भूमिकाएं 33 प्रतिशत, प्रोजेक्ट एवं प्रोग्राम मैनेजमेंट 25 प्रतिशत और साइट इंजीनियरिंग नौकरियां 20 प्रतिशत बढ़ीं.
एफएमसीजी क्षेत्र में कुल भर्ती वृद्धि 6 प्रतिशत रही, लेकिन यहां भी उत्पादन से जुड़े पदों पर भर्ती 40 प्रतिशत और खरीद से संबंधित भूमिकाओं में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके विपरीत बिक्री और व्यवसाय विकास से जुड़े पदों पर भर्ती 5 प्रतिशत घट गई.
रिपोर्ट के अनुसार, अनुभव के आधार पर देखा जाए तो वरिष्ठ पेशेवरों की मांग सबसे अधिक रही. 13-16 वर्ष के अनुभव वाले और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में 22-22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं फ्रेशर्स की भर्ती 15 प्रतिशत बढ़ी, जबकि 8-12 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों के लिए 14 प्रतिशत और 4-7 वर्ष के अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
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डीबीपी
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