
बीजिंग, 6 सितंबर . 2026 शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में चीनी President शी चिनफिंग ने एक सितंबर को इस युग में एससीओ के मिशन पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा, “मानवता के भविष्य और नियति के चौराहे पर खड़े होकर, शंघाई सहयोग संगठन को साहसपूर्वक अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए और इतिहास की दिशा तय करने की पहल करनी चाहिए.”
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में President शी चिनफिंग की उपस्थिति और उनके महत्वपूर्ण भाषण की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जमकर सराहना की. कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने कहा कि President शी के महत्वपूर्ण भाषण ने एससीओ के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए यूरेशिया में आम सहमति और तालमेल स्थापित किया है, और एक न्यायसंगत और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व को आगे बढ़ाने तथा वैश्विक शासन में सुधार लाने के लिए व्यापक समर्थन जुटाया है.
किर्गिज Political वैज्ञानिक मार्स सारिएव ने कहा कि President शी चिनफिंग ने एससीओ के विकास और समृद्धि के पीछे के कारणों और भविष्य में आगे बढ़ने के लिए किन चीजों पर निर्भर रहने” जैसे महत्वपूर्ण सवालों का सटीक जवाब दिया है.
रूसी-ताजिक लावरोव विश्वविद्यालय में भू-Political अध्ययन केंद्र की निदेशक गुज़ेल मैतकिनोवा ने कहा कि चीन की प्रेरणा से, एससीओ परिवार तंत्र और परियोजनाओं में आम सहमति को व्यवहार में ला रहा है, ताकि सहयोग के फल वास्तव में सभी देशों के लोगों को लाभ पहुंचा सकें.
India में इंप्रेशन इंस्टीट्यूट के संस्थापक रॉबिन सचदेव का मानना है कि सुरक्षा सहयोग पर एससीओ की आम सहमति को संस्थागत उपलब्धियों में बदलने के लिए चीन के प्रयास आतंकवाद विरोधी, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने और साइबर खतरों से निपटने जैसे क्षेत्रों में देशों के बीच समन्वय और सहयोग को गहरा करने में मदद करेंगे.
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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डीकेपी/
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