सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित करें-मुख्यमंत्री

Lucknow, 11 जुलाई (उदयपुर किरण). उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क निर्माण से जुड़े सभी एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित करें. यातायात के मानकों को अपनाकर ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है.

 मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को लोक भवन में सड़क सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग, एन.एच.ए.आई. तथा स्टेट हाईवे अथाॅरिटी के अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी.

 उन्होंने सड़क सुरक्षा और मार्ग दुर्घटनाओं को नियंत्रण करने के लिए परिवहन विभाग को प्रत्येक माह सम्बन्धित विभागों के साथ समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए.

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिना परमिट की गाड़ी सड़क पर नहीं चलनी चाहिए. इसकी फूलप्रूफ व्यवस्था की जाए. जो वाहन अनफिट हों उनको स्क्रैप कराया जाए. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक के सामान्य नियमों की जानकारी और अनुपालन से बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीन माह में एक बार सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाए.

  यमुना एक्सप्रेस-वे पर होने वाली दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक वाहन चालक की मेडिकल फिटनेस जांच के साथ-साथ वाहनों की भी फिटनेस की जांच करायी जाए. सड़कों के किनारे बने अवैध ढाबों को हटाया जाए. एक्सप्रेस-वे,नेशनल हाईवे तथा स्टेट हाईवे के प्रत्येक 15 किलोमीटर पर रम्बल स्ट्रिप्स स्थापित किए जाएं. स्पीड ब्रेकर्स मानकों के अनुसार निर्मित किए जाएं.

 उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रात्रिकालीन सेवा में परिवहन निगम यह सुनिश्चित करे कि 400 किमी से अधिक की दूरी होने की दशा में दो वाहन चालक रखे जाएं.

मुख्यमंत्री ने हेलमेट और सीट बेल्ट की व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें. बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों के चालकों को पेट्रोल की आपूर्ति न किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलाया जाए.

 कहा कि सभी प्रधानाचार्यों की मीटिंग बुलाकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में अवगत कराएं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को जानकारी मिले और उनमें जागरूकता आए. सड़क सुरक्षा से जुड़े बिन्दुओं का पैम्फलेट तैयार कर विद्यालयों में वितरित किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस जांच करायी जाए.  इन वाहन के चालकों का मेडिकल टेस्ट व पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य रूप से कराया जाए. कहा कि जिन मार्गों पर ब्लैक स्पाॅट की संख्या अधिक है, उन पर एम्बुलेंस की व्यवस्था तथा मार्ग पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सीएचसी को सुदृढ़ किया जाए तथा पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी जिला चिकित्सालयों में आर्थोपैडिक सर्जन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. साथ ही, एमआरआई व सीटी स्कैन की व्यवस्था भी की जाए.

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में ओवर स्पीडिंग की जांच के लिए स्पीड राडार एवं पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों की गति सीमा को निर्धारित किया जाए तथा उसके बोर्ड स्थापित किए जाएं. वाहन चालकों का बे्रथ एनालाइजर टेस्ट अवश्य किया जाए. नेशनल हाइवेज़, स्टेट हाइवेज़, एक्सप्रेस-वेज़ पर डायल-100 और 108 एम्बुलेंस सेवा का प्रभावी संचालन किया जाए तथा एम्बुलेंस की संख्या बढ़ायी जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्ग दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण ड्राइवरों की लापरवाही, ओवर स्पीडिंग और डंªकेन ड्राइविंग है. उन्होंने एक्सप्रेस-वेज और राजमार्गों पर तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण इन पर सजग पेट्रोलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया.

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