संसदीय समिति के सामने भंसाली नहीं दे पाए पद्मावती पर जवाब, मांगा 2 हफ्ते का समय

नई दिल्‍ली। फिल्‍म पद्मावती को लेकर मचा बवाल संजय लीला भंसाली के लिए गलफांस बन गया है। गुरुवार को संसदीय कमेटी में करीब ढाई घंटे से ज्यादा देर तक भंसाली की पेशी हुई। संजय लीला भंसाली से कई सवाल किए गए। उन्हें कुछ सवालों के लिखित जवाब के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया गया है। सतीप्रथा को लेकर कमेटी ने भंसाली को घेरा।

सूत्रों के मुताबिक़ भंसाली ने कहा, उनकी फिल्म इतिहास पर आधारित नहीं है बल्कि मलिक मोहम्मद जायसी की कविता पर आधारित है। हालांकि फिल्म को कई लोगों को दिखाए जाने के सवाल पर उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं सके। उधर सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी ने कहा, वह लोग इतिहास के पहलू को देखने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाएंगे जो फिल्म को देखेगी।

सती प्रथा भंसाली के गले की नई फांस

सूत्रों के अनुसार कथित तौर पर सती प्रथा के महिमामंडन को लेकर कमेटी ने भंसाली को घेरा। कमेटी ने सवाल किया कि क्या फिल्म में जौहर का दृश्य दिखाया गया है? क्या सती प्रथा को फिल्मों में दिखाया जा सकता है?

भंसाली से पूछे गए सवाल

सेंसर बोर्ड को फिल्म भेजने से पहले आपने मीडिया में कुछ लोगों को फिल्म क्यों दिखाई? इसका क्या मतलब है।

आपने 11 नवंबर को फिल्म सेंसर बोर्ड के पास भेजी और खुद से ही ऐलान कर दिया की फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होगी जबकि आपको मालूम है कि सेंसर बोर्ड के पास फिल्म को सर्टिफिकेट देने के लिए 68 दिन का समय होता है। अपने खुद से तारीख कैसे तय कर ली?

जब पिछले डेढ़ साल से विवाद चल रहा है तब आपने इसे ठीक करने के लिए कदम क्यों नहीं उठाया?

जब फिल्मों में सारे नाम और सारे कैरेक्टर इतिहास से लिए हुए हैं तब यह कैसे कहा जा सकता है कि फिल्म का इतिहास से कोई लेना देना नहीं है।

क्या यह बात सही है कि आपने पहले करणी सेना को यह वादा किया था कि फिल्म उन्हें दिखाएंगे?

क्या फिल्म में जौहर का दृश्य दिखाया गया है? क्या सती प्रथा को फिल्मों में दिखाया जा सकता है?

About Editor

Close