शाहपुरा का दीपांशु राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा

शाहपुरा का दीपांशु राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा

भीलवाड़ा, 15 मार्च (उदयपुर किरण). जिले के शाहपुरा कस्बे के 9वीं कक्षा के छात्र दीपांशु धाकड़ का राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ. अब वह उड़ीसा के कटक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा. कटक में राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 16 व 17 मार्च को आयोजित होगी. शाहपुरा के केशव सीनियर सैकंडरी स्कूल में कक्षा 9वीं के छात्र दीपांशु धाकड़ का चयन राष्ट्रीय सीनियर नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए हुआ. 16 व 17 मार्च को उड़ीसा के कटक में होने वाली प्रतियोगिता में दीपांशु राजस्थान टीम में भीलवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व करेगा. स्कूल के निदेशक व दीपांशु के पिता रामेश्वर लाल धाकड़ ने बताया कि राष्ट्रीय तिरंदाजी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दीपांशु गुरुवार को उड़ीसा के लिए रवाना हो गया.

स्कूल स्टाफ व खेल प्रेमियों ने उसका स्वागत किया. छठी में पढ़ने के दौरान दीपांशु ने तैराकी सीखी. उसका लक्ष्य अच्छा तैराक बनना था लेकिन 3 साल पहले बीमार होने पर तैराकी छोड़ दी. दीपांशु के पिता रामेश्वरलाल धाकड़ ने बताया कि एक दिन दीपांशु ने टीवी पर तीरंदाजी प्रतियोगिता देखी और इसी को लक्ष्य बना लिया. यू ट्यूब पर देखकर घर पर ही तीर कमान तैयारकर रोज 8-10 अभ्यास करने लगा. आखिरकार उसका चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हो गया. अब वह उड़ीसा के कटक में प्रतिनिधित्व करेगा. तैराकी छोड़ने से निराश हुए दीपांशु का पिता रामेश्वर लाल धाकड़ हर समय हौसला बढ़ाते रहे. सितंबर में स्कूली टूर्नामेंट में उसे सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज का खिताब मिला. जिले में प्रथम रहा. धौलपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में क्वालीफाई किया. बीकानेर में सीनियर स्टेट ओपन प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता. दीपांशु ने बताया कि अभी वह इंडियन राउंड में तीरंदाजी कर रहा है. उसका लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी करना है. जिसके लिए करीब ढाई लाख रुपए का रिकवर तथा 36 हजार की तीर खरीदने पड़ेंगे. पिता रामेश्वरलाल धाकड़ ने बताया कि 2 साल पहले मध्य प्रदेश के धार में खेल अकादमी में दीपांशु का संपर्क झारखंड के कोच पीएन दास से हुआ. दास ने दीपांशु की प्रतिभा देखी. उसे करीब 4 महीने तक खेल अकादमी में प्रशिक्षण दिया. इस दौरान दीपांशु ने किसी खेल प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया. वह सिर्फ अभ्यास पर ध्यान देता रहा.

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