व्यापार असंतुलन से बढ़ा 2017-18 में चालू खाता घाटा

मुंबई, 13 जून (उदयपुर किरण). भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में व्यापार घाटे की वजह से चालू खाते का घाटा (सीएडी)बढ़कर जीडीपी का 1.9 फीसदी हुआ. आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.9 फीसदी रहा जबकि पिछले साल 2016-17 में यह जीडीपी का 0.6 फीसदी था.

विदेशों से होने वाले शुद्ध विदेशी व्यापार और शुद्ध विदेशी आय प्राप्तियों का लेखा-जोखा रखता है.

देश का व्यापार घाटा 2016-17 में 112.4 अरब डॉलर था जो 2017-18 में बढ़कर 160 अरब डॉलर हो गया.

आरबीआई ने कहा, “सेवा से प्राप्त शुद्ध आय और निजी हस्तांतरण आय में इजाफा होने के कारण शुद्ध अदृश्य प्राप्तियां 2017-18 में बढ़ गईं.”

आगत के मामले में भारत में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2016-17 के 60.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2017-18 में 61 अरब डॉलर हो गया.

हालांकि शुद्ध एफडीआई आगत 2016-17 के 35.6 अरब डॉलर से घटकर 2017-18 में 30.3 अरब डॉलर हो गया.

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, शुद्ध पोर्टफोलियो निवेश आगत 2017-18 में 22.1 अरब डॉलर रहा जोकि एक साल पहले 7.6 अरब डॉलर था.

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