विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

जौनपुर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार व जनपद न्यायधीश/अध्यक्ष ओ0पी0 त्रिपाठी के निर्देशन में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आज ”propagation of Mental Health Act&2017 and Anti smoking awareness” विषय पर लोगों को जानकारी प्रदान करने हेतु प्राथमिक विद्यालय ककोरगहना विकास क्षेत्र करंजकला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन सुश्री एकता कुशवाहा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में किया गया. इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से डा0 आर एस कुशवाहा, एनसीडी स्टाफ की टीम, मनोचिकित्सक विकास सिंह, राम प्रकाश पाल क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह मौर्य एवं पैनल अधिवक्ता देवेंद्र यादव एवं पीएलपी सुनील कुमार गौतम व तमाम नागरिक उपस्थित रहे.
इस अवसर पर सचिव द्वारा लोगों को संबोधित करते हुए यह बताया कि 31 मई को धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जाता है. तंबाकू को सार्वभौमिक रूप से प्रमुख स्वास्थ्य खतरो में से एक माना जाता है जिसके प्रयोग से कई जानलेवा बीमारी जैसे कैंसर, टीवी होने का खतरा है. तंबाकू/धूम्रपान देश में सालाना अनुमानित 8 लाख मौतें होने का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है. भारत में लगभग 120 मिलियन धूम्रपान करने वाले है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया के धूम्रपान करने वालों का 12 प्रतिशत है. तंबाकू उद्योग द्वारा तंबाकू/धूम्रपान से संबंधित उत्पाद वस्तुओं पर होने वाले खतरों दुष्परिणामों के संबंध में चेतावनी/चित्र उत्पाद/वस्तु के दोनों तरफ प्रकाशित कराना आवश्यक है ऐसे न किया जाना दंडनीय अपराध है. किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर रु0 200 दण्ड का प्रावधान है.
मेंटल हेल्थ एक्ट-2017 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि पीड़ित व्यक्ति की उम्र यदि 18 वर्ष से कम है तो उसके उपचार हेतु इलेक्ट्रॉनिक शॉक नहीं दिया जाएगा. मानसिक प्रकृति के बीमार लोगों द्वारा आत्महत्या के प्रयास को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा गया है. अधिनियम के अनुसार इस रोग से ग्रसित व्यक्ति की इच्छा पर बीमारी को गोपनीय रखा जाएगा. पीड़ित व्यक्ति को स्वेच्छा से इलाज चुनने का अधिकार है. पीड़ित रोगी व्यक्ति को गरिमामय जीवन जीने का अधिकार है. उसे जंजीर/रस्सी से न बांधे जाने व एकांत में न रखा जाना उसका अधिकार है. सचिव द्वारा ’’मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’’ की महानता को बताते हुए कहा गया कि दृढ़ इच्छा रहे तो हम किसी भी रोग से जीत सकते हैं. मेंटल हेल्थ एक्ट 2017 के अंतर्गत उपबन्धित इस नियम के बारे में बताया गया. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम असहाय/निराश्रित/मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्ति जो सड़क आदि जगहों पर घूमते हैं के संबंध में संबंधित थाना प्रभारी पर यह दायित्व अधिरोपित करता है कि वह बीमार व्यक्ति को निकट के चिकित्सालय में दाखिल कराए एवं उनके परिवार जन से संपर्क स्थापित कर अवगत कराएं. उक्त संबंध में जन सामान्य से भी अपेक्षा की गई कि वह एक निराश्रित व्यक्ति को संबंधित अधिकारी के समक्ष उपचारार्थ प्रस्तुत करें.
इसी क्रम में डा0 आर एस कुशवाहा द्वारा तनाव महसूस करना, अनजाना भय, नींद आने में परेशानी, अत्यधिक डरावने सपने आना, एकाग्रता, याददाश्त एवं मन में उत्साह की कमी सहित कई मानसिक अवस्था के लक्षण बताते हुए कहा गया कि यदि 15 से एक माह के बीच ऐसे लक्षण प्रतीत होते हैं तो उन्हें मानसिक अवस्था माना जाएगा. मनोचिकित्सक विकास सिंह एवं राम प्रकाश पाल द्वारा संबंन्धित विभाग की जानकारी बताई गई. पैनल अधिवक्ता देवेंद्र यादव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गरीब व असहाय लोगों को प्रदत्त विधि तौर पर सुविधाओं एवं उनकी योजनाओं के बारे में बताया गया.
सचिव द्वारा जेल का भी निरीक्षण व विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जेलर संजय सिंह, डिप्टी जेलर सुनील दत्त मिश्र, जेल विजिटर अमित त्रिपाठी, अम्बरीष श्रीवास्तव व श्रीमती मीरा सिंह, जेल बंदी उपस्थित रहे. सचिव द्वारा बंदियों को संवैधानिक अधिकारों एवं संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों की जानकारी प्रदान करते हुए किसी भी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता होने पर पत्र प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया.

विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन DAINIK PUKAR. Dainik Pukar

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