लोकतंत्र से बड़ा कोई उत्सव नहीं, मतदान के कारण एक दिन आगे बढ़ाई शादी

बैतूल/शाहपुर, 17 अप्रैल (उदयपुर किरण). निर्वाचन आयोग जहां प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से हर नागरिक को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहा है, तो वहीं घोड़ाडोंगरी ब्लाक के छोटे से गांव भुडक़ी के युवा सैनिक सतीश उइके ने लोकतंत्र के इस महापर्व के महत्व को समझकर अपनी 6 मई को होने वाली शादी को एक दिन के लिए टाल दिया है.बैतूल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े सहित सभी ने सैनिक एवं उनके परिवार के निर्णय एवं जज्बे को सलाम किया है.

डेढ़ माह पूर्व छपा लिए थे कार्ड

जम्मू कश्मीर में सेना में सिपाही के रूप में अपनी सेवा दे रहे उक्त सैनिक का विवाह मर्दवानी ग्राम के स्वर्गीय गजानन इवने की पुत्री शलिला के साथ तय हुआ है. परिवार वालों ने डेढ माह पूर्व दोनों की शादी का मुहूर्त 6 मई को निकाला था. शादी के कार्यक्रमों एवं शादी के कार्ड भी छपवाकर परिवार व रिश्तेदारों को वितरण भी कर दिए थे. इस दौरान आचार संहिता के लगते ही लोकसभा चुनाव में बैतूल-हरदा लोकसभा सीट पर चुनाव 6 मई को होने की घोषणा होते ही सतीश उइके एवं उनके पिता प्रेम उइके ने विचार-विमर्श किया कि 6 मई को उनके घर पर दिन में विवाह है और 6 मई को मतदान होना है. ऐसे में वे एवं उनके रिश्तेदार शादी की भाग दौड़ के कारण मतदान करने से वंचित रह सकते हैं.

अब 6 मई के बजाए 7 मई को होगी शादी

ऐसे में उन्होंने वधु पक्ष के लोगों से इसे लेकर चर्चा की, जिस पर वधु पक्ष मतदान के कारण 6 मई की जगह 7 मई को विवाह करने के लिए तैयार हो गए. वर पक्ष के पिता प्रेम उइके ने बताया कि उनका बेटा जम्मू कश्मीर में देश की रक्षा करने के लिए तैनात है. वहीं मतदान हमारे देश के लिए लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा महापर्व है. ऐसे में हम लोगों ने निर्णय लिया है कि पहले वे मतदान करेंगे, उसके बाद अपने बेटे की शादी 7 मई को धूमधाम से संपन्न कराएंगे.

सैनिक एवं उनके परिवार द्वारा लिए गए निर्णय को लेकर भुडकी ग्रामवासियों और खासकर युवाओं ने इस निर्णय की प्रशंसा कर इसे अनुकर्णीय बताया है. ग्राम के प्रवीण नामदेव, अतुल नामदेव, भानू नामदेव का कहना हैं कि चुनाव आयोग मतदान करने को लेकर लाखों रुपये खर्च कर जन जागरूकता ला रहा है, ऐसे में हमारे ग्राम के युवा एवं उनके परिवार द्वारा मतदान करने के लिए शादी की तारीख बदली गई है, यह एक सुखद संदेश है. हम सभी को सभी काम छोडक़र मतदान को महत्व देना चाहिए. उनका कहना है कि वह सभी सैनिक एवं उनके परिवार के निर्णय एवं जज्बे को सलाम करते है. मतदान को लेकर लिया गया निर्णय समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है. हम सभी को मतदान का महत्व समझकर इसे महती जिम्मेदारी मानकर मतदान करना चाहिए.

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