लॉकडाउन में नए अंदाज़ की शादी:-बैण्डबाजा ना धूमधड़ाका, सादकी के साथ ब्याह ले गए दूल्हेराजा · Indias News

लॉकडाउन में नए अंदाज़ की शादी:-बैण्डबाजा ना धूमधड़ाका, सादकी के साथ ब्याह ले गए दूल्हेराजा

वैश्विक समस्या कोविड-19 के चलते लॉकडाउन की बंदिशों ने रीति-रिवाज के तौर तरीकों को बदलते हुए, 10-12 परिजन के बीच सादगीपूर्ण तरीके से वर-वधु ने रचाई शादी, पड़ोसीयों को भी विवाह का नहीं चला पता…!
मलिहाबाद:- वैवाहिक कार्यक्रमों  की चकाचौंध में लाखों रुपए पानी की तरह बहा दिए जाते हैं..!    रिश्तेदारों की मेहमानवाजी को लेकर रुपये कोई मायने नहीं रखते है, वैवाहिक कार्यक्रम के 20 से 25 दिन पहले से ही परिवार के सभी सदस्य जोर शोर से तैयारियों में जुट जाते हैं, लेकिन महमूद नगर मलिहाबाद में रविवार को एक शादी नए अंदाज़ में हुई जो काफी चर्चित रही..!    इस दौरान ना कोई बारात निकली और न ही बैण्डबाजे आतिशबाजी की धूमधड़ाक मची यहाँ तक न ही सहयोगी साथियों का डांस हुवा, बस लगभग दो घंटे में ही बौद्ध रीति-रिवाज के आधार पर राहुल बुद्ध बिहार मोहम्मद नगर तालुकेदारी में शादी संपन्न हो गई…
शादी में केवल वर-वधु के माता-पिता, भाई-बहन सहित कुल 10-12 लोग ही उपस्थित थे. इस दौरान कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के सभी नियमों का पूर्णतः पालन किया गया. इस संबंध में वधु पक्ष से उपजिलाधिकारी विकास कुमार सिंह द्वारा 5 लोगों की मौज़ूदगी की परमिशन भी ली गयी…
दरअसल, महमुदनगर मलिहाबाद निवासी मैकू लाल की पुत्री सरोजनी व गहाखेड़ा उन्नाव निवासी  राजैपाल के पुत्र राहुल की शादी लॉकडाउन से पहले ही तय हो गई थी. ऐसे में विवाह समारोह स्थल, हलवाई, कैटरिंग, बैण्डबाजा व विद्युत डेकोरेशन सहित अन्य की बुकिंग हो गई थी, लेकिन सभी को निरस्त करना पड़ा.
रविवार को मात्र दो घंटे में विवाह सपन्न हो गया. सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुंह पर मास्क लगाए. तथागत बुद्ध व बाबा साहेब की मूर्तियों के समक्ष पूज्य भिक्खु कमलशील ने  वर-वधु को जीवन भर संग रहने की प्रतिज्ञा एवं वचनबद्ध कराते हुए जीवन साथी बना दिया. इस अवसर पर राहुल बुद्ध विहार ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश वर्मा सहित श्यामलाल भारती, डाक्टर अशोक बौद्ध जगदीश बौद्ध, कालीचरण मौर्य, देवेन्द्र भारती, कमलेश बौद्ध, श्रीमती गंगादेई एवं वैवाहिक कार्यक्रम के व्यवस्थापक व प्रत्यासी सदस्य जिला पंचायत वार्ड नम्बर 11 मलिहाबाद से सोमेन्द्र प्रताप सिंह मौज़ूद रहे..!
दुल्हन के वृद्ध पिता ने बताया कि बेटी के विवाह को लेकर कई सपने संजोए थे. विवाह में बैण्डबाजा बजेगा. सैकड़ों लोग भोज समारोह में शामिल होंगे. विवाह समारोह स्थल पर वर माला का कार्यक्रम होगा. बाराती नृत्य करते आएंगे. विद्युत डेकोरेशन से रंगबिरंगी रोशनी की चकाचौंध रहेगी,लेकिन इनमें से किसी का आयोजन नहींं हो पाया.
कुछ घंटों में ही बेटी आज पराई हो गई. हालांकि इस बात का उन्हें कोई रंज नहीं है. यदि इस तरह के सादा विवाह की परम्परा शुरू हो जाए तो हमारा समाज आदर्श बन जाएगा. रविवार को जिस सादगी के साथ बेटी के हाथ पीले किए. यह सपने में भी नहीं सोचा था.
दूल्हे के पारिवजन ने कहा कि वह आज की शादी से काफी खुश हैं, भले ही परिवार के सभी सदस्य शादी में शामिल नहीं हो पाए. मित्रों को भी आमंत्रित नहीं किया. विवाह के कार्ड तक नहीं छपवाए. ना ही कोई महिला संगीत सहित भोज का आयोजन किया. इसके पीछे लॉकडाउन की बाध्यता वजह रही.
वर-वधु के परिवारीजनों के अनुसार उन्हें पीड़ा इस बात की है कि परिवार के सभी सदस्यों सहित बहुत से मेहमान इस शादी से वंचित रहे शादी में उन्होंने लॉकडाउन के तमाम नियमों का पालन किया, आज तो शादी की केवल रस्म अदायगी थी. बाद में जब भी स्थितियां सामान्य होगी. तब सामूहिक भोज का आयोजन होगा.

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