रूट बेहतरीन खिलाड़ी, हास्य से उसे 100 टेस्ट मैचों के उतार-च़ढ़ा्व को झेलने में सक्षम बनाया : थोर्प

चेन्नई (Chennai) . इंग्लैंड के बल्लेबाजी प्रशिक्षक ग्राहम थोर्प ने शुक्रवार (Friday) को कहा कि अपने 100वें टेस्ट मैच की दहलीज पर खड़े कप्तान जो रूट को इतने लंबे करियर में उतार-चढ़ावों के दौरान उनकी हास्य की भावना ने बहुत मदद पहुंचाई. तीस वर्षीय रूट 2012 में नागपुर में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और वह इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पांच फरवरी को चेन्नई (Chennai) में अपने 100वें टेस्ट मैच में उतरेंगे. थोर्प से जब रूट की इस उपलब्धि के बारे में पूछा गया तो बायें हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने दिलचस्प जवाब दिया.

उन्होंने कहा जब आप इसकी लंबी अवधि पर गौर करते हैं तो वह वास्तव में बड़ी उपलब्धि है. मुझे लगता है कि इतनी अधिक क्रिकेट खेलने के लिए हास्य की अच्छी भावना की भी जरूरत होती है. थोर्प ने वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा क्योंकि आपको इस दौरान कई अच्छे दौर से गुजरना होता है, लेकिन कभी खराब दौर भी आते हैं और तब आपको अपना जज्बा और दृढ़ता बनाए रखनी होती है.

थोर्प यार्कशायर क्रिकेट के दिनों से ही रूट को खेलते हुए देख रहे हैं और उनकी प्रगति से वाकिफ हैं. उन्होंने कहा मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने जो रूट के यार्कशायर के साथ कुछ शुरुआती मैच देखे हैं. उसके पास जज्बा और आगे बढ़ने का संकल्प था. इसके बाद वह लायन्स (ए टीम) की तरफ से खेला. उसके व्यक्तित्व में सबसे अहम बात यह है कि वह अपने खेल के प्रति बेहद संजीदा है.

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