रिश्वतखोर BDO फिरोज खान 1 महीने बाद भी सस्पेंड नहीं, फिर से ज्वॉइन भी कर लिया

बांसवाड़ा (Banswara) . जिले में 15 अगस्त को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुए पंचायत समिति कुशलगढ़ के तत्कालीन बीडीओ फिरोज खान ने पूरे सिस्टम को ताक पर रखकर फिर से उसी जगह पदभार ग्रहण कर लिया. ज्वाॅइनिंग करने के बाद इसकी रिपोर्ट जिला परिषद सीईओ भवानी सिंह पालावत को ईमेल भी कर दी. छुट्टी की एप्लीकेशन भी सीईओ को ईमेल करके गाड़ी लेकर रवाना हो गया.

नियम यह है कि रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कोई कार्मिक अगर 48 घंटे जेल में रहता तो वह स्वत: ही सस्पेंड मान लिया जाता है. गिरफ्तारी के बाद उसे स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी. चौंकाने वाली बात यह है कि कार्मिक विभाग को एफआईआर (First Information Report) की कॉपी मिलते ही फिरोज खान को सस्पेंड कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया. जांच अधिकारी एसीबी की राजसमंद चाैकी के प्रभारी एएसपी हर्ष रत्नू ने बताया कि बीडीआे राज्य एलाइड सर्विस में आते हैं. एफआईआर दर्ज हाेते ही कार्मिक विभाग काे काॅपी भिजवा दी थी. फिराेज ने जब ज्वाॅइन किया, उस समय न ताे वहां प्रधान कानेंग रावत उपस्थित थे और न ही बीडीआे वालसिंह राणा. दाेनाें बैठक में भाग लेने बांसवाडा (Banswara) आए हुए थे. भास्कर ने बीडीओ का पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों मोबाइल स्विच ऑफ थे.

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