राजस्थान में चला मोदी मैजिक, गहलोत-पायलट समेत किसी नेता की नहीं चली

राजस्थान में चला मोदी मैजिक, गहलोत-पायलट समेत किसी नेता की नहीं चली

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जयपुर, 23 मई (उदयपुर किरण). लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना में भाजपा ने प्रदेश की सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज कर नया इतिहास रच दिया है. राज्य में 29 अप्रैल और 6 मई को दो चरणों में चुनाव संपन्न हुए थे. राज्य में पहले चरण की 13 सीटों पर 29 अप्रैल को रिकॉर्ड 68.22 प्रतिशत वोटिंग हुई. वहीं 6 मई को दूसरे चरण की 12 सीटों पर 63.78 प्रतिशत मतदान रहा. प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कुल 66.12 प्रतिशत वोटिंग हुई. जो अब तक 67 साल में हुए 16 लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा है. 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रदेश में 25 सीटों पर 63.10 फीसदी वोटिंग हुई थी.
प्रदेश में सर्वाधिक रिकार्ड मतों 6 लाख 12 हजार मतों के अंतर से भीलवाड़ा में भाजपा ने जीत हासिल की है. यहां भाजपा प्रत्याशी सुभाष बहेडिय़ा ने कांग्रेस के रामलाल शर्मा को शिकस्त दी. बहेडिय़ा दो बार पहले सांसद रह चुके है. भीलवाड़ा से अब तक के इतिहास में तीसरी बार सांसद बनने वाले बहेडिय़ा पहले जनप्रतिनिधि है. यह जीत का अंतर प्रदेश में सर्वाधिक है. भाजपा के बहेडिय़ा 2014 में भीलवाड़ा से 2 लाख 46 हजार 264 मतों के अंतर से जीते थे. इस बार उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी रामपाल शर्मा को कड़ी शिकस्त दी है. भाजपा के पक्ष में इस बार देश का कोई भी कद्दावर नेता प्रचार के लिए भीलवाड़ा नहीं आया तथा जिले में कहीं पर भी कोई सभा नहीं हुई. कांग्रेस के पक्ष में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं 4 सभाएं कर चुके थे.
अलवर संसदीय सीट पर भाजपा के प्रत्याशी महन्त बालकनाथ को विजयी घोषित किया गया है. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्धंदी कांग्रेस के जितेन्द्र सिंह को 3 लाख 23 हजार 786 मतों से हरा कर जीत हासिल की है. यहां कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे. बसपा से इमरान खान को 56 हजार 339 मत मिले जबकि कांग्रेस से पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह मैदान में थे. उन्हें 4 लाख 26 हजार 794 मत मिले. मोदी मैजिक का पूरा लाभ भाजपा के प्रत्याशी अस्थल बोहर मठ के मठाधीश महन्त बालक नाथ को मिला, जिन्होंने 7 लाख 50 हजार 580 मत हासिल कर कांग्रेस प्रत्याशी को 3 लाख 29 हजार 971 मतों से पराजित कर बड़े अन्तर से चुनाव जीता है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के दौरान बीजेपी उम्मीदवार महंत चांदनाथ ने कांग्रेस सांसद और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को 2 लाख 83 हजार 895 मतों के भारी अंतर से पराजित किया था. बीजेपी से चांदनाथ को 6 लाख 42 हजार 278 और कांग्रेस से जितेंद्र सिंह को 3 लाख 58 हजार 383 वोट मिले थे. 2014 में बीजेपी इस सीट पर जीती थी, लेकिन 2018 की शुरुआत में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने अलवर और अजमेर सीट कांग्रेस के हाथों गंवा दी. इसके बाद ये सीट बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई थी.
अजमेर से भाजपा के भागीरथ चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार रिजू झुनझुनवाला को 4 लाख 16 हजार 424 वोटों से पराजित किया. यहां 2014 में भाजपा के सांवरलाल जाट 1 लाख 71 हजार 983 वोटों से जीते थे. बाड़मेर से भाजपा के कैलाश चौधरी ने कांग्रेस के प्रत्याशी मानवेन्द्रसिंह को 3 लाख 23 हजार 808 वोटों से शिकस्त दी. मानवेन्द्रसिंह ने पांच माह पहले हुए विधानसभा चुनावों में झालावाड़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ा था, लेकिन वे वहां से चुनाव हार गए थे. इस सीट पर पिछले चुनाव में भाजपा के टिकट पर कर्नल सोनाराम 87 हजार 461 वोटों से जीतकर सांसद बने थे. इस बार पार्टी ने उनके स्थान पर कैलाश चौधरी पर दांव खेला, जो सफल साबित हुआ.
भरतपुर संसदीय सीट से भाजपा की रंजीता कोली ने कांग्रेस के अभिजीतकुमार जाटव को 3 लाख 18 हजार 399 मतों से हराया. इस सीट पर पिछले चुनाव में भाजपा के बहादुरसिंह कोली ने 2 लाख 45 हजार 468 वोटों से जीत का स्वाद चखा था. जालोर संसदीय सीट से भाजपा के देवजी पटेल ने तीसरी बार जीत का परचम लहराया. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रतन देवासी को 2 लाख 61 हजार 110 मतों से पराजित किया. पिछले चुनाव में देवजी पटेल इसी सीट से 3 लाख 81 हजार 145 वोटों के अंतर से सांसद बने थे. प्रदेश की सबसे हॉट सीट बनी जोधपुर संसदीय सीट पर गजेन्द्रसिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को पराजय का स्वाद चखाया. यहां सिंह ने गहलोत पर 2 लाख 74 हजार 440 वोटों से जीत दर्ज की. पुत्र वैभव को जिताने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत समेत पूरी सरकार ने यहां एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया था, लेकिन मोदी मैजिक में सारे प्रयास निष्फल साबित हो गए. इस सीट से वर्ष 2014 में शेखावत 4 लाख 10 हजार 51 वोटों के अंतर से जीतकर संसद पहुंचे थे.
टौंक-सवाईमाधोपुर सीट पर भाजपा के सुखवीरसिंह जौनपुरिया ने कांग्रेस के नमोनारायण को हार का हार पहनाया. यहां जौनपुरिया 1 लाख 11 हजार 291 वोटों से विजयी हुए. पिछले चुनाव में भी इस सीट से जौनपुरिया ही जीते थे, लेकिन उस समय उनकी जीत का अंतर बड़ा था. तब वे 1 लाख 35 हजार 506 वोटों के अंतर से जीतकर संसद पहुंचे थे. श्रीगंगानगर संसदीय सीट पर भाजपा के निहालचंद ने कांग्रेस के प्रत्याशी भरतराम मेघवाल को पराजित कर संसद का टिकट कटवाया. निहाल ने भरत को 4 लाख 6 हजार 978 मतों से हराया. पिछले चुनाव में निहालचंद भाजपा के ही टिकट पर 2 लाख 91 हजार 741 वोटों से जीते थे. चूरू संसदीय सीट पर भाजपा के राहुल कस्वां ने इस बार अपनी ही जीत का रिकार्ड तोड़ा. वे इस सीट पर 2014 में 2 लाख 94 हजार 739 मतों से जीते थे. इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रफीक मंडेलिया को 3 लाख 34 हजार 402 मतों से शिकस्त दी. झालावाड़-बारां संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह ने भी पिछली बार के मुकाबले रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की. पिछली बार उन्होंने 2 लाख 81 हजार 546 मतों से जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार उन्होंने कांग्रेस के रफीक मंडेलिया को 4 लाख 53 हजार 928 वोटों से शिकस्त दी. चित्तौडग़ढ़ संसदीय सीट पर चंद्रप्रकाश जोशी ने कांग्रेस के उम्मीदवार गोपालसिंह शेखावत को 5 लाख 76 हजार 247 वोटों से हराया. पिछली बार जोशी इसी सीट से सांसद बने थे और उन्होंने 3 लाख 16 हजार 857 वोटों से जीत का रिकार्ड बनाया था. बांसवाड़ा सीट से भाजपा के कनकमल कटारा ने कांग्रेस के ताराचंद भगौरा को हराया. कटारा ने इस सीट से 3 लाख 5 हजार 464 वोटों से जीत दर्ज की. यहां 2014 में भाजपा के मानशंकर निनामा 91 हजार 916 वोटों से जीते थे. बीकानेर में इस बार दो मौसेरे भाईयों की चुनावी लड़ाई पाटों पर चटखारों का विषय रही. यहां भाजपा के अर्जुनराम मेघवाल तथा कांग्रेस के मदनगोपाल मेघवाल के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन चुनावी लड़ाई में मदनगोपाल अपने सियासी सूरमा के सामने कहीं नहीं टिके. अर्जुनराम ने उन्हें 2 लाख 64 लाख 81 वोटों से शिकस्त दी. पिछली बार इस सीट पर अर्जुनराम 3 लाख 8 हजार 79 वोटों से जीते थे.
दौसा संसदीय सीट से भाजपा की जसकौर मीणा ने कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीणा को 78 हजार 444 वोटों से पराजित किया. 2014 में इस सीट से भाजपा के टिकट पर हरीशचंद्र मीणा उम्मीदवार थे, जिन्होंने 45 हजार 404 वोटों से जीत दर्ज की थी. जयपुर शहर सीट पर रोमांचक मुकाबले में भाजपा के रामचरण बोहरा ने कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल को 4 लाख 27 हजार 988 वोटों से हराया. पिछली बार इसी सीट से बोहरा ने 5 लाख 39 हजार 345 वोटों से रिकार्ड जीत दर्ज की थी. जयपुर ग्रामीण सीट से केन्द्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी कर्नल राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ ने सियासत में इस बार भी साबित कर दिया कि वे सियासी खिलाड़ी भी पक्के हैं. उनके सामने इस बार कांग्रेस ने कृष्णा पूनियां को मैदान में उतारा था, लेकिन सिंह ने पूनियां को 3 लाख 89 हजार 403 वोटों से पराजित कर दिया. पिछले चुनाव में इसी सीट से सिंह ने 3 लाख 32 हजार 896 वोटों से जीत दर्ज की थी. झुंझुनूं सीट से भाजपा के नरेन्द्रकुमार ने कांग्रेस के श्रवणकुमार को 3 लाख 2 हजार 547 वोटों से हराया. पिछले चुनाव में इस सीट से भाजपा की संतोष अहलावत ने 2 लाख 33 हजार 835 मतों से जीत दर्ज की थी. करौली-धौलपुर सीट से भाजपा के मनोज राजौरिया ने कांग्रेस के संजय कुमार को 97 हजार 682 वोटों से चित्त किया. पिछले चुनाव में इस सीट से राजौरिया 27 हजार 216 वोटों के मामूली अंतर से जीतकर सांसद बने थे. कोटा संसदीय सीट से भाजपा के ओम बिरला ने कांग्रेस प्रत्याशी रामनारायण मीणा को 2 लाख 79 हजार 677 वोटों से हराया. पिछले चुनाव में इस सीट से बिरला 2 लाख 782 मतों के अंतर से जीते थे.
नागौर संसदीय सीट इस बार भाजपा ने गठबंधन के तहत रालोपा के हनुमान बेनीवाल को दी थी. भाजपा के समर्थन से उन्होंने कांग्रेस की ज्योति मिर्धा को 1 लाख 81 हजार 260 वोटों से हराया. पिछले चुनाव में बेनीवाल यहां तीसरे नम्बर पर रहे थे और केन्द्रीय मंत्री बने सीआर चौधरी ने इस सीट पर 75 हजार 218 वोटों से कांग्रेस की मिर्धा को हराया था. पाली संसदीय सीट पर भाजपा के सांसद व विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कांग्रेस के उम्मीदवार बद्रीराम जाखड़ को 4 लाख 81 हजार 597 वोटों से हराया. पिछले चुनाव में भी चौधरी ने इस सीट से 3 लाख 99 हजार 39 वोटों से जीत दर्ज की थी. इसी सीट से जाखड़ 2009 में सांसद रह चुके हैं. राजसमंद संसदीय सीट पर भाजपा की दीयाकुमारी ने कांगे्रस के देवकीनंदन काका को 5 लाख 51 हजार 916 वोटों से पराजित किया. यहां पिछले चुनाव में भाजपा के हरीओमसिंह राठौड़ ने 3 लाख 95 हजार 705 वोटों से जीत दर्ज की थी. सीकर सीट से भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती ने कांग्रेस के सुभाष महरिया को 2 लाख 90 हजार 659 मतों से पराजित किया. पिछली बार इसी सीट से सुमेधानंद ने 2 लाख 39 हजार 196 मतों से जीत दर्ज की थी. इसी तरह उदयपुर संसदीय सीट से भाजपा के अर्जुनलाल मीणा ने कांग्रेस के उम्मीदवार रघुवीरसिंह मीणा को 4 लाख 37 हजार 914 वोटों से हराया. पिछले चुनाव में इस सीट से मीणा 2 लाख 36 हजार 762 वोटों से जीते थे.

 

राजस्थान में चला मोदी मैजिक, गहलोत-पायलट समेत किसी नेता की नहीं चली DAINIK PUKAR. Dainik Pukar

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