राजधानी में दस लाख लोगों को हानिकारक पानी की सप्लाई

लखनऊ. राजधानी की लगभग 10 लाख आबादी अमोनिया वाला पानी पी रही है. शहर में कई जगह ऐसे पानी की सप्लाई हो रही है जो सीधे गोमती से लिया जाता है. उसके बाद आपूर्ति करने से पहले जलकल प्लांट में केमिकल की सहायता से शोधित किया जाता है. गोमती के पानी में 0.25 से 0.50 पीपीएम तक अमोमिया की मात्रा मिली है. जिसके कारण पानी के शोधन में कठिनाई आ रही है और यह पानी स्वस्थय के लिये भी हानिकारक है.पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ना सेहत के लिए काफी खतरनाक है. अमोनिया का पानी पीने से लिवर संक्रमित हो सकता है. वहीं इससे पीलिया, हेपेटाइटिस सहित कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं. इससे कोमा में जाने का खतरा भी रहता है. इस बारे में जानकारी देते हुए केजीएमयू के गैस्ट्रोएंटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुमित गुप्ता के मुताबिक पानी में अमोनिया की मात्रा 0.5 पीपीएम से अधिक नहीं होनी चाहिए. अमोनिया के अधिक होने से सबसे ज्यादा नुकसान लीवर को होता है. इसके अलावा डीहाइड्रेशन बना रहता है. अमोनिया युक्त पानी को उबालकर पीना चाहिए. वहीं जलकल के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह का कहना है कि गौघाट पर जहां से पानी लिया जाता है वह पूरी तरह अमोनिया फ्री होना चाहिए. पानी को पंप करने से पहले हर दिन जांच की जाती है. अभी जो अमोनिया का स्तर आया है उसे पानी को शुद्ध करने के लिए केमिकल खर्च पर ज्यादा तो असर नहीं पड़ा है लेकिन दिक्कतें बढ़ सकती हैं. जलकल के महाप्रबंधक एसके वर्मा का कहना है कि गौ घाट पर पानी में अमोनिया की मात्रा पाई गई है. लगता है कि सीवर सीधे गऊघाट स्ट्रीम में जा रहा है. इससे पानी को शुद्ध करने में कठिनाई बढ़ जाएगी. जल निगम को जानकारी दी गई है. वहीं महाप्रबंधक जल निगम एस के गुप्ता का कहना है कि गौ घाट पर अमोनिया किस कारण पाई जा रही है इसकी जांच के लिए 30 सदस्य दल बना दिया गया है.

राजधानी में दस लाख लोगों को हानिकारक पानी की सप्लाई DAINIK PUKAR. Dainik Pukar

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